मासूमों की आंखों के लिए ‘मिशन आंखें’
-आरबीएसके के तहत लगेगा तीन दिवसीय विशेष शिविर
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में नवाचार करते हुए मासूम बच्चों के लिए ‘मिशन आंखें’ कार्यक्रम चलाया गया है। जिसमें आरबीएसके के तहत आंखों की समस्या से संबंधित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें चश्मा वितरण के अलावा उनका ऑपरेशन करवाया जा रहा है। इसी कड़ी में आरबीएसके बच्चों के लिए दस मई से तीन दिवसीय नि:शुल्क नेत्र रोग शिविर जिला मुख्यालय पर लगाया जा रहा है, जिसमें बच्चों की आंखों की गहनता से जांच की जाएगी, परामर्श दिया जाएगा और आवश्यकता होने पर नि:शुल्क ऑपरेशन भी करवाया जाएगा।

कार्यक्रम के अतिरिक्त नोडल अधिकारी डॉ. भारत भूषण ने बताया कि आरबीएसके की नियमित जांच के दौरान बड़ी संख्या में बच्चे आंखों की बीमारी से संबंधित मिल रहे हैं। जिसके चलते ज्यादातर को ब्लॉकस्तर पर ही जांच कर उपचार के अलावा चश्मे दिए जा रहे हैं। वहीं दस मई से 12 मई तक लगने वाले शिविर में सादुलशहर व श्रीगंगानगर खण्ड के चिन्हित बच्चों को बुलाया गया है। जिला मुख्यालय पर लगने वाले इस शिविर का समय सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे का रखा गया है, जिसमें नेत्र रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. पल्लवी सहारण अपनी सेवाएं देंगी। शिविर व्यवस्था के लिए डॉक्टर सोनल व डॉक्टर शैलेंद्र की टीम को लगाया गया है। आरबीएसके के तहत चिन्हित बच्चों को शिविर के दौरान आरबीएसके कार्ड, परिवार का राशन कार्ड व भामाशाह कार्ड अवश्य साथ लाना होगा। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में आने वाले बच्चों का स्थानीय अधिकृत हॉस्पीटलों में ऑपरेशन व उपचार करवाया जाएगा, जबकि इस योजना में शामिल नहीं होने वाले बच्चों को जयपुर रैफर कर आरबीएसके में नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया जाएगा।
कार्यक्रम से ली प्रेरणा, बन गए दानदाता
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि मासूमों के लिए दानदाता भी आगे आ रहे हैं और वे बच्चों के लिए नि:शुल्क चश्में उपलब्ध करवा रहे हैं। पदमपुर खण्ड में स्वयं बीसीएमओ डॉ. मुकेश मित्तल ने अपनी माँ की प्रेरणा से बच्चों को चश्मे उपलब्ध करवाए। इसी तरह गांव 13 क्यू निवासी विपिन सहारण ने श्रीकरणपुर खण्ड में बच्चों को चश्मे उपलब्ध करवाए। वे श्रीगंगानगर में लगने वाले तीन दिवसीय शिविर में भी बच्चों के लिए चश्मे वितरण करवाएंगे। दरअसल, विपिन सहारण के खेत में मजदूरी करने वाले परिवार के एक बच्चे को हृदï्य रोग था, जिसे विभाग ने आरबीएसके के तहत चिन्हित कर उसका नि:शुल्क उपचार करवाया। ऑपरेशन के बाद बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है। विभाग के इस कार्यक्रम व टीम के बेहतर कार्य से विपिन इतने प्रेरित हुए कि उन्होंने ऐसे बच्चों की हर संभव सहायता के लिए हामी भर दी। इसके बाद उन्होंने चश्मे वितरण का निर्णय लेते हुए अब हर शिविर में सहयोग दे रहे हैं।
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