बुधवार, 7 जून 2017

गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा 12 से 
जिले में चलेगा अभियान, ओआरएस व जिंक टेबलेट मिलेगी नि:शुल्क
श्रीगंगानगर। पांच से कम आयु के बच्चों में दस्त तथा कुपोषण के कारण होने वाली मृत्यु दर में कमी लाने के लिए श्रीगंगानगर जिले सहित प्रदेशभर में गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा 12 जून से शुरू होगा। अभियान में दस्त एवं कुपोषण से होने वाली बीमारियों के प्रति आमजन में जनजागृति लाने के लिए व्यापक जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस दौरान दस्त से पीडि़त पांच वर्ष तक के बच्चों की पहचान कर उन्हें ओआरएस पैकेट एवं जिंक टेबलेट नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी। विभाग के स्वास्थ्य कार्यकर्ता जनसमुदाय को स्वच्छता, पौष्टिक आहार एवं हाथ धोने के सही तरीके आदि की जानकारी भी देंगे। 
आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि गहन दस्त नियंत्रण अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आंगनबाड़ी स्तर तक अभियान गतिविधियों के संचालन को लेकर बैठकें की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ओआरएस एवं जिंक दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है एवं प्राप्त मांग अनुसार इनकी पूर्ति की जा रही है। डॉ. असीजा ने बताया कि यथा समय जिंक कॉर्नर चयनित करने, पैरामेडिकल स्टॉफ व फिल्डकार्मिकों को प्रशिक्षण देने एवं माइक्रोप्लान आदि की कार्रवाई की जा रही है। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि पखवाड़े के दौरान पांच वर्ष तक के बच्चों वाले सभी घरों में आशा सहयोगिनियों के जरिए ओआरएस पैकेट व सूचनाप्रद सामग्री पहुंचाई जाएगी। सभी चिकित्सा संस्थानों पर ओआरएस व जिंक कॉर्नर बनाकर घोल तैयार करने व उपयोग के तरीके का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु में से 10 फीसदी बच्चों की मृत्यु की वजह दस्त होते हैं। ये मौतें अधिकतर गर्मी व मानसून के समय होती हैं और यही वजह है कि दस्त नियंत्रण पखवाड़ा हर वर्ष जून में मनाया जाता है। दस्त व निर्जलीकरण से होने वाली मृत्यु को ओआरएस व जिंक की गोली देकर और पर्याप्त पोषण के जरिए रोका जा सकता है। साथ ही दस्त की रोकथाम के लिए साफ पानी, समय-समय पर हाथों को सफाई, स्वच्छता, टीकाकरण, स्तनपान व पोषण का अहम योगदान होता है।

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