तीनों आरोपियों को जेल भेजा
-घड़साना में पीसीपीएनडीटी टीम की कार्रवाई में आए थे तीनों आरोपी, स्वास्थ्य कार्मिकों का गठजोड़
श्रीगंगानगर। पीसीपीएनडीटी टीम की ओर से शनिवार-रविवार को घड़साना में की गई डिकॉय कार्रवाई के तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आरोपियों को टीम ने सोमवार को घड़साना में अवकाश-कालीन न्यायिक अधिकारी के समक्ष पेश किया था, जहां से तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। इसके बाद आरोपी आरएमपी डॉक्टर हरपाल बावरी, उसकी नर्स पत्नी सिमरन व हॉस्पीटल स्टाफ बुधराम को अनूपगढ़ स्थित कारागृह में भिजवा दिया गया। इस दौरान टीम प्रभारी सीआई श्रीराम बड़सरा, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, बीकानेर प्रभारी महेंद्रसिंह चारण, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, कांस्टेबल देवेंद्र सिंह व शंकरलाल मौजूद रहे। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि वे लंबे अर्से से इस धंधे में लिप्त रहें हैं।
पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह ने बताया कि मुखबिर के जरिए मिली जानकारी के आधार शनिवार-रविवार को घड़साना में डिकॉय ऑपरेशन करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिसमें आरएमपी डॉक्टर हरपाल बावरी, उसकी नर्स पत्नी सिमरन व हॉस्पीटल स्टाफ बुधराम शामिल थे। टीम ने श्रीराम हॉस्पीटल की सोनोग्राफी सेंटर पर मशीन को सीज करते हुए टीम एक्टिव ट्रेकर जब्त किया था। टीम ने रविवार को आरएमपी की पूर्व में की जा रही गतिविधियों एवं कार्यों की जांच करते हुए तथ्य जुटाए। पूछताछ में सामने आया कि दलाल हरपाल पूर्व में भू्रण लिंग जांच करवाने के मामलों में लिप्त रहा है लेकिन वर्तमान में पीसीपीएनडीटी टीम द्वारा जिले में की जा रही लगातार कार्रवाईयों के बाद कोई सेंटर संचालक ऐसे कार्य के लिए हामी नहीं भर रहे हैं, जिसके चलते उसने इस तरह के फर्जीवाड़े का अंजाम दिया। उल्लेखनीय है कि राज्य में 83 डिकॉय ऑपरेशन किए जा चुके हैं, जबकि श्रीगंगानगर टीम नौवीं कार्रवाई कर चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाईयों से न केवल दलालों मेें भय व्याप्त हुआ बल्कि सेंटर संचालक भी इन लोगों के जरिए आ रहे सोनोग्राफी करवाने वालों से परहेज करने लगे हैं।
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