शुक्रवार, 1 सितंबर 2017

स्वाइन फ्लू की जांच रिपोर्ट में न हो कोताही

-स्वास्थ्य विभाग ने दिए सतर्कता बरतने के निर्देश, आमजन भी रहे सचेत

श्रीगंगानगर। प्रदेश में स्वाइन फ्लू की रोकथाम व उपचार के लिए राज्यस्तर से सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग को निर्देशित किया है कि स्वाइन फ्लू की जांच रिपोर्ट में कोताही न बरतते हुए जल्द से जल्द से रिपोर्ट मिले तो समय पर मरीज का इलाज हो सके। इस संबंध में जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में अनवरत 24 घंटे जांच की व्यवस्था करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं जिलास्तर से स्वाइन फ्लू के लक्षण प्रतीत होते ही संबंधित व्यक्तियों के नमूने लेकर तत्काल जांच करवाने एवं उनका आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा कि स्वाइन फ्लू के उपचार मे देरी मरीजों के लिए प्राण घातक सिद्ध हो सकती है, इसलिए किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।

सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि चिकित्स मंत्री के निर्देशें पर राज्य के सभी जिला अस्पतालों में स्वाईन फ्लू के नमूने लेकर जांच करवाने की व्यवस्था की गई है। उन्होनें बताया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वाईन फ्लू के उपचार के लिए आवश्यक दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है एवं इन दवाइयों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। बेहतर व्यवस्था के लिए सभी बीसीएमओ एवं चिकित्सा प्रभारियों को पाबंद किया गया है। उन्होंने आमजन से भी स्वाइन फ्लू के लक्षण प्रतीत पर तत्काल चिकित्सक से सम्पर्क कर अपनी जांच व उपचार करवाने की अपील की है। स्वाइन फ्लू से डरने की नहीं बल्कि समय पर जांच व उपचार करवाने की जरूरत है। समय पर जांच व उपचार से स्वाइन फ्लू का पूर्ण उपचार सम्भव है। स्वाइन फ्लू के संबंध में जिले की आशा सहयोगिनियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे भी नियमित निरीक्षण के दौरान बुखार आदि से पीडि़त लोगों को जांच करवाने के लिए प्रेरित करें और स्वाइन फ्लू के लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी केंद्र पर रिपोर्ट करें।

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