‘दंपति संपर्क पखवाड़ा’ आज से, परिवार कल्याण के लिए चलेगी मुहिम
स्वास्थ्य विभाग ‘एक सार्थक कल की शुरुआत, परिवार नियोजन के साथ’ मनाएगा पखवाड़ा
स्वास्थ्य विभाग ‘एक सार्थक कल की शुरुआत, परिवार नियोजन के साथ’ मनाएगा पखवाड़ा
श्रीगंगानगर। सीमित परिवार और स्थाई व अस्थाई परिवार कल्याण साधनों की जानकारी देने के लिए जिले में बुधवार से मोबिलाइजेशन (दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा) शुरू होगा। आगामी 10 जुलाई तक चलने वाले इस पखवाड़े के दौरान जिलें के कस्बे, गांव-ढाणियों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं अपने क्षेत्र में जन-जागृति पैदा करने के साथ ही वे योग्य दम्पत्तियों से घर-घर जाकर संपर्क करेंगी। इसके बाद 11 से 24 जुलाई 2018 तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा चलेगा। जिसमें जिलास्तर सहित ब्लॉकस्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाए जाएंगे, जिसकी मोनिटरिंग एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता करेंगे।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि दो चरणों में चलने वाले परिवार कल्याण अभियान के पहले चरण में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा व आंगनाबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर दस्तक देंगे और योग्य दंपतियों को सीमित परिवार रखने के लाभ सहित विवाह की सही आयु, विवाह पश्चात कम से कम दो वर्ष बाद पहला बच्चा, पहले एवं दूसरे बच्चें में कम से कम तीन साल का अंतर, प्रसवोत्तर परिवार कल्याण सेवाएं, पुरूषों की परिवार नियोजन में सहभागिता, गर्भपात पश्चात परिवार कल्याण सेवाओं के बारें में संपूर्ण जानकारी देकर उन्हें इन सेवाओं से लाभान्वित होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि प्रथम पखवाड़े में कार्यकर्ता संभावित जोड़ों की ग्रामवार सूची तैयार कर संबंधित आशा, आयुष स्टाफ व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध करवाएंगे। पखवाडे के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता लक्षित दम्पत्ति से संपर्क कर उन्हें नसबंदी के लिए प्रेरित करेंगे और आयूडी निवेशन की जानकारी भी देंगे। वहीं महिलाओं को ऑरल पिल्स और दम्पत्तियों को निरोध का वितरण करेंगे। दूसरे चरण में जिलास्तरीय कार्यक्रम के साथ ही खण्ड व स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिला एवं ब्लॉक स्तर पर परिवार विकास मेलों का आयोजन किया जागएा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल करते हुए जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिलास्तर से एसीएमएचओ, डीपीएम, आईईसी व आशा समन्वयक मोनिटरिंग करेंगे। वहीं कार्यक्रम की मोनिटरिंग के लिए संभागस्तर पर राज्य से अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

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