शुक्रवार, 1 जून 2018

शहरी स्वास्थ्य केंद्र का नवाचार, मरीजों को मिलेगी सेहत डायरी
-पुरानी आबादी पीएचसी प्रभारी के प्रयासों से तैयार हुई डायरी, जिला प्रमुख ने किया विमोचन
श्रीगंगानगर। पुरानी आबादी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अब बीपी व शुगर मरीजों को सेहत डायरी दी जाएगी, जिसमें उनकी दवाओं से लेकर सेहत जांच तक का ब्यौरा शामिल होगा। संभवत: राज्य के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जिले का पुरानी आबादी स्थित स्वास्थ्य केंद्र पहला ऐसा केंद्र होगा, जहां सेहत डायरी शुरू की गई है। शुक्रवार को इस केंद्र पर जिला प्रमुख प्रियंका श्योराण, सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, समाजसेवी दुर्गा स्वामी, सुशील श्योराण, शंकर असवाल व केंद्र प्रभारी डॉ. दीपिका मोंगा ने डायरी का विमोचन किया। इसी दौरान अतिथियों ने मरीजों को सेहत डायरियां बांटी। 
जिला प्रमुख प्रियंका श्योराण ने कहा कि जिले के अन्य केंद्र प्रभारियों को डॉ. दीपिका मोंगा से प्रेरणा लेनी चाहिए और आमजन के हित में ऐसे कदम उठाने चाहिए। क्योंकि अक्सर सरकारी सिस्टम में खामियां बताकर नियमित कार्यों को भी कुछ लोग पूरा नहीं करते, जबकि डॉ. मोंगा ने साबित किया है कि यदि प्रभारी या कर्मचारी चाहे तो वह अपने दम पर हर सिस्टम में सुधार कर सकता है। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि पीएचसी के नवाचारों को राज्यस्तर पर प्रजेंट किया जाएगा ताकि राज्य के अन्य केंद्रों तक यह तस्वीर पेश कर उन्हें भी सुधारा जा सके। उन्होंने कहा कि हर संभव प्रयास कर इस केंद्र की कुछ खास व्यवस्थाएं जिले में लागू की जाएंगी। इस मौके पर दुर्गा स्वामी ने कहा कि जिले का यह नवाचार काबिलेतारीफ है और स्वास्थ्य सेवाओं में हर व्यक्ति, समाज व संस्था को राजनीतिक सिस्टम से ऊपर उठकर आमजन के हित में कार्य करना चाहिए। क्योंकि बीमारियां जाति, धर्म या पार्टी देखकर नहीं आती और स्वास्थ्य केंद्र हर वर्ग के लिए बने होते हैं। समाजसेवी सुशील श्योराण ने कहा कि इस नवाचार को जिले के अन्य केंद्रों पर लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे ताकि मरीज लाभान्वित हो सके। इस मौके पर सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, राजेंद्र वर्मा, हरप्रीत कौर, सुखप्रीत कौर, कुलदीप स्वामी व सविंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। 
बीपी व शुगर मरीजों को मिलेगी राहत
केंद्र प्रभारी डॉ. दीपिका मोंगा ने बताया कि उच्च रक्तचाप (बीपी) व मधुमेह (शुगर) के मरीजों को यह डायरी दी जाएगी। इसमें दवा व जांच दोनों नियमित रूप से लिखी जाएगी, जिससे मरीजों को भविष्य में पर्ची रखने का झंझट नहीं होगा। साथ ही विगत उपचार क्या दिया, इसकी जानकारी भी डायरी के जरिए चिकित्सक को आसानी से मिलेगी जिससे मरीज की सेहत सुधार का तथ्य तैयार होगा। वहीं डायरी में बीपी व शुगर से बचने के उपाय बताए गए हैं। इनसे बचने के लिए मरीज क्या खाए, क्या नहीं खाए और कौनसा व्यायाम करे यह जानकारी भी दी गई है। मरीजों को स्वस्थ आदतों के बारे में बताया गया है।  

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