मंगलवार, 5 जून 2018

‘‘कोख में कत्ल करने वालों का हम करेंगी बेनकाब’’
-आमुखीकरण कार्यशाला में आशा सहयोगिनियों व कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प
श्रीगंगानगर। कोख में भू्रण लिंग जांच एवं कन्या भू्रण हत्या करने वालों को हम बेनकाब करेंगी, भले ही हमें इसके लिए कोई खतरा उठाना पड़े। क्योंकि बेटियों को आखिर बेटियां ही बचा सकती हैं। ये दृढ़ संकल्प मंगलवार को जिला मुख्यालय की आशा सहयोगिनियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लिया। वे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत स्थानीय राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर आठ में आयोजित आमुखीकरण कार्यशाला में भाग ले रही थीं। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेप कार्यक्रम के तहत विभिन्न जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बतौर अतिथि फ्लोरोसिस प्रभारी डॉ. सुनील बिश्रोई व 70 एलएनपी राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज गुप्ता सहित बतौर वक्ता आशा प्रभारी रायसिंह सहारण, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई व सीडीपीओ अनिल कामरा मौजूद रहे। मंच संचालन महिला पर्यवेक्षक सुमन वर्मा ने किया।  
आशा प्रभारी रायसिंह सहारण ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि भू्रण लिंग जांच करना, करवाना व साथ देना हर तरह से अपराध की श्रेणी में आता है। वहीं यह आध्यात्मिक एवं नैतिक रूप से भी घिनौना व घृणित कार्य है, जिसमें हर सहयोगी बराबर का भागीदार होता है। उन्होंने राजश्री योजना, बालिका सम्बल योजना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार बेटा-बेटी के भेद का मिटाने का हर संभव प्रयास कर रही है। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि राज्य में मुखबिर योजना के तहत सूचना देने वाले, गर्भवती महिला व सहयोगी का बतौर प्रोत्साहन राशि कुल अढ़ाई लाख रुपए दे रही है। जिसके चलते राज्य में मंगलवार तक 118 डिकॉय हो चुके हैं, जबकि जिला टीम की ओर से दस डिकॉय ऑपरेशन कर अनेक दलाल व चिकित्सकों को जेल भिजवाया जा चुका है। ऐसे पापियों को सलाखों को पीछे भेजने में आशा सहयोगिनियों व कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका हो सकती है, क्योंकि हर गर्भवती महिला सबसे पहले आपके संपर्क में आती हैं। ऐसे में यदि आप निगरानी करें और सूचना दें तो न केवल आर्थिक लाभ होगा बल्कि पापियों को सजा दिलाकर समाज व देश के प्रति कर्तव्य भी निभा सकेंगी। प्रधानाचार्य पंकज गुप्ता ने शिक्षा विभाग से जुड़ी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर बेटी को पढ़ाने में परिजन अहम भूमिका अदा करें ताकि बेटियां बोझ न समझी जाए और कन्या भू्रण हत्या जैसा कलंक जिले से हट सके। सीडीपीओ श्री कामरा ने आईसीडीएस की ओर से चलाई जा रही योजनाओं पर प्रकाश डाला। अंत में इंद्रा कॉलोनी की महिला पर्यवेक्षक सुमन वर्मा ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। 

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