शनिवार, 3 सितंबर 2016

ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता, पेयजल एवं पोषण समितियों का होगा पुनर्गठन
-जुड़ सकेंगे 15 या अधिक सदस्य, महिला होगी अध्यक्ष, बढ़ेगी भागीदारी
श्रीगंगानगर। ग्राम स्तर पर गठित होने वाली ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता, पेयजल एवं पोषण समितियों को जिले में पुनर्गठन होगा। इसे लेकर केंद्र व राज्य सरकार के दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं, जिनकी अनुपालना अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग करवाएगा। इसके साथ ही समिति में आमूलचूल परिवर्तन होंगे और पहले से महिलाओं की भागीदारी अधिक होंगी। यही नहीं ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता, पेयजल एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) की अध्यक्ष भी महिला ही होंगी। वहीं सदस्य सचिव और संयोजक आशा होगी। निश्चित ही इस बदलाव के बाद समितियों में महिलाओं का योगदान बढ़ेगा और ग्रामीण स्तर पर कार्य भी बेहतर हो पाएगा।
विशिष्ट शासन सचिव एवं एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि समिति में अब सात की बजाए कम से कम  15 सदस्य होंगे और इन सदस्यों की संख्या इससे अधिक भी हो तो कोई एतराज नहीं होगा। इस संबंध में भारत सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि वीएचएसएनसी में अब तक अधिकतम सात सदस्य ही होते थे, लेकिन अब सदस्य संख्या 15 या इससे अधिक रखने का निर्देश राज्यस्तर से मिला है, जिसके बाद अब समितियों के पुनगर्ठन की प्रक्रिया प्रारंभी की गई है। समिति में अब महिलाओं के साथ ही उन लोगों को शामिल किया जाएगा जो स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बेहतर कार्य कर रहे हैंँ। साथ ही समुदाय के सभी समूहों के अलावा गरीब और अधिक कमजोर वर्ग के लोगों को भी बतौर सदस्य लिया जाएगा। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि अब गांव की सभी आशाओं को समिति में शामिल किया जाएगा और निर्वाचित ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की भी भागीदारी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग की एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्कूल शिक्षक को भी नियमित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा पीएचईडी के हैण्डपम्प मैकेनिक व मनरेगा कार्यक्रम के क्षेत्र समन्वयक के साथ ही अन्य स्वयंसेवकों को बतौर सदस्य शामिल किया जा सकेगा। यदि किसी क्षेत्र में स्कूल शिक्षा, जल और स्वच्छता या पोषण पर अलग से समितियां बनी हुई हैं तो इन समितियों को वीएचएसएनसी के साथ एकीकृत किया जाएगा। यदि ऐसा संभव नहीं हो पाता है कि इन समितियों के प्रमुख पदाधिकारियों को वीएचएसएनसी में सदस्य के रूप में लिया जाएगा।
अब ये भी बैठक का हिस्सा बनेंगे
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाएं लेने वाले लोगों को हर संभव प्रयास कर बैठक में आमंत्रित किया जाएगा। खासकर गर्भवती महिला, स्तनपान करवाने वाली मां, तीन साल तक के बच्चों की मां और गंभीर बीमारियों से ग्रसित रोगी को समिति बैठक् में बुलाया जाएगा। इसके साथ ही बैठक के दौरान एएनसी, पीएनसी, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार कल्याण, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, मौसमी बीमारियों सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा की जाएगी। यहां मौजूद विभागीय प्रतिनिधि समिति सदस्यों को स्वास्थ्य विभाग की नई योजनाओं से रूबरू करवाएंगे और उन्हें जागरूक करेंगे ताकि वे भी अन्य ग्रामीणों को जागरूक कर सकें।
आमंत्रित किया जाएगा विशेष सदस्यों को
समिति के सामान्य सदस्यों के अतिरिक्त विशेष आमंत्रित सदस्यों की एक श्रेणी को भी सम्मिलित किया जा सकेगा, जो कि बैठक में भाग ले सकेंगे और जिनकी उपस्थिति एवं विचार प्रमुख होंगे। जरूरी नहीं कि ये सदस्य उसी गांव के हों, मसलन स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी, आशा फेसिलिटेटर, आशा समन्वयक, आईईसी समन्वयक, स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस विभाग के सपुरवाइजर, पंचायत सचिव, पंचायत समिति के सदस्य आदि। चिकित्सा अधिकारी एवं ब्लॉक विकास अधिकारी को वर्ष में कम से कम एक बार शामिल होना होगा, अधिक बार भी हो सकेंगे। वहीं आशा फेसिलिलेटर को हर बैठक में शामिल होने के लिए निर्देशित किया गया है।

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