‘मौसमी बीमारियों को लेकर रहें सतर्क, लापरवाही पर होगी कार्रवाई’ - चिकित्सा मंत्री
-जल स्रोतों में डालें गम्बूशिया मछलियां, स्वास्थ्य केंद्रों पर हो चिकित्सकों व स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित

श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में हर स्तर पर गंभीरता बरती जाए, अन्यथा लापरवाही होने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खासकर, मलेरिया, डेंगू, स्क्रबटाईफस, चिकनगुनिया आदि की स्थिति पर कडी नजर रखने, जल स्रोतों में गम्बूशिया मछलियां डालने, नियमित रूप से एन्टीलार्वा गतिविधियां करने एवं आवश्यकतानुसार फोगिंग करवाने के निर्देश दिए। वे शनिवार को मौसमी बीमरियों की समीक्षा के लिए जिला कलेक्टर एवं चिकित्सा अधिकारियों से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए मुखातिब हुए। इस दौरान प्रमुख शासन सचिव वीनू गुप्ता ने प्रदेश के सभी जिलों से मौसमी बीमारियों की जांच के लिए आवश्यक उपकरणों की स्थिति तथा उपचार के लिए आवश्यक दवाईयों की आपूर्ति की विस्तार से जानकारी ली। चिकित्सा मंत्री ने निर्देशित किया कि मलेरिया, डेंगू आदि बीमारियों के आउटब्रेक होने की स्थिति में तत्काल सम्बन्धित क्षेत्रों में रेपिड रेस्पोन्स टीमें भेजें, जिनके पास जांच की व्यवस्था के साथ ही आवश्यक दवाईयों की आपूर्ति भी सुनिश्चित हो। उन्होंने जल संग्रहण के सभी क्षेत्रों में गम्बूशिया मछलियां डालने के साथ ही मच्छरों की रोकथाम के लिये पानी एकत्रित हाने वाले सभी स्थानों पर नियमित रूप से एन्टीलार्वा गतिविधियां करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय निकायों से मिलकर फोगिंग करवाने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग के सहयोग से स्क्रबटाईफस रोकें
चिकित्सा मंत्री ने स्क्रबटाईफस के लिए पशुपालन विभाग के सहयोग से आवश्यकतानुसार क्षेत्रों में पशुओं पर निर्धारित लेप करवाने की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने स्क्रबटाईफस से प्रभावित क्षेत्रों में कड़ी निगरानी के साथ ही इसकी रोकथाम के लिये जनसामान्य को आवश्यक जानकारियां देने के भी निर्देश दिए। स्क्रबटाईफस से प्रभावित मरीजों का भी तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के निर्देश चिकित्सा मंत्री ने दिए। इस दौरान प्रमुख शासन सचिव श्रीमति गुप्ता ने कहा कि सीएमएचओ खराब पड़े उपकरणों को ईउपकरण के तहत तत्काल ठीक करवाएं और इन्सटॉल होने से शेष रहे उपकरणों को भी तुरंत प्रभाव से इन्सटॉल करवाएं। किसी भी स्थिति में चिकित्सा केंद्रों पर बंद एवं खराब उपकरण नहीं होने चाहिए।
अधिकारी करें क्षेत्र में जाकर निरीक्षण
प्रमुख शासन सचिव ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को नियमिति रूप से फील्ड विजिट कर मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग करने एवं समय पर चिकित्सा कर्मियों की उपालब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों-कस्बों में चिकित्सा कर्मी एवं अन्य स्टाफ समय पर पहुंचे और निर्धारित समय तक ड्यूटी पर रहें।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें