गुरुवार, 10 नवंबर 2016

शिविरों के माध्यम से मासूमों का मिट रहा मर्ज
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें बच्चों को कर रही हैं लाभान्वित
श्रीगंगानगर। जिला मुख्यालय के साथ ही जिले के दूर-दराज इलाकों में बैठे अनेक मासूम बच्चों को इन दिनों राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमें लाभान्वित कर रही हैं। इन बच्चों को स्वास्थ्य विभाग की ये टीमें इलाज के साथ ही नि:शुल्क दवाएं तक मुहैया करवा रही हैं। यही नहीं जरूरत पडऩे पर गंभीर बीमारी से पीडि़त बच्चों को राज्य के बड़े अस्पतालों में भी इलाज के लिए भेजा जा रहा है, जहां अनेक मरीजों का उपचार भी हुआ है। सकून देने वाली बात ये भी है कि जिले के अनेक निजी स्वास्थ्य संस्थान और लोग इस आहूति में अपना योगदान दे रहे हैं। खासकर, सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज की टीम, आस्था हॉस्पीटल की इको स्पेशलिस्ट टीम, स्माइल ट्रेन संस्थान और विभागीय कार्मिक। आरबीएसके के तहत बुधवार को घड़साना और गुरूवार को रावला में शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों की मोनिटरिंग आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, सहायक नोडल डॉ. भारत भूषण और डॉ. सुनील बिश्रोई कर रहे हैं।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिले में लगातार आरबीएसके शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां टीमों द्वारा चिन्हित बच्चों का उपचार किया जा रहा है। हालांकि मौके पर जो दूसरे बच्चे आ रहे हैं उनकी भी जांच कर उपचार मुहैया करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घड़साना शिविर में 327 बच्चे पहुंचे, जहां 267 का उपचार और 60 को उच्च चिकित्सा संस्थान में रैफर किया गया। यहां 132 बच्चों के दांतों में समस्या थी, जबकि 68 बच्चे नेत्र रोग व 14 बच्चे नाक-कान-गला रोग से पीडि़त थे। शिविर में डॉ. कमल किशोर, डॉ. रामस्वरूप, डॉ. नम्रता, डॉ. शिव बिश्रोई, डॉ. दिनेश भारद्वाज व ओपी गोयल ने अपनी सेवाएं दी। इसी तरह रावला में आयोजित शिविर में 327 बच्चों की जांच की गई। जिनमें 163 बच्चे दंत रोग, 64 चर्म रोग एवं 17 बच्चे नाक-कान-गला रोग से पीडि़त थे। उन्होंने बताया कि यहां डॉ. कमल किशोर, डॉ. रामस्वरूप, डॉ. पवन गोयल, डॉ. दिनेश भारद्वाज और सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज की टीम ने अपनी सेवाएं दी। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई मुताबिक आरबीएसके के तहत होंठ कटे व तालू में दिक्कत वाले अनेक बच्चों को टीमों ने चिन्हिकरण किया है, जिनका स्थानीय स्माइल संस्था द्वारा नि:शुल्क इलाज किया गया। इसी तरह जिन बच्चों में हृदïय से संबंधित बीमारियों मिली हैं, उन्हें चिन्हित कर स्थानीय आस्था हॉस्पीटल में नि:शुल्क इको करवाई जा रही है। जिनमें से अनेक बच्चों के हृदïय संबंधी गंभीर बीमारियां भी मिली। इन दिनों सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज की टीम भी शिविरों में अपनी सेवाएं देकर नि:शुल्क जांच व उपचार कर रही है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें