गुरुवार, 17 नवंबर 2016

निष्क्रियों को नोटिस, उत्कृष्ट को पुरस्कार
-भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा
श्रीगंगानगर। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सालयों को पुरस्कृत किया जाएगा, वहीं इस योजना में रूचि नहीं रखने वालों को नोटिस दिया जाएगा। यह निर्णय राज्यस्तर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ और बीसूका समिति के उपाध्यक्ष डॉ. दिगम्बर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक में बीएसबीवाई की समीक्षा की गई, जिसमें राज्य स्वास्थ्य एश्योरेंस एजेंसी, न्यू इंडिया एश्योरेंस एजेंसी और आईटी विभाग सहित निजी चिकित्सालयों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। यहां चिकित्सकों ने योजना को लेकर अनेक सुझाव भी दिए।

चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि बीएसबीवाई पात्र परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के तहत प्रदेश में 494 राजकीय व 623 निजी चिकित्सालय शामिल हैं, जहां आमजन को निर्धारित 1715 पैकेजों के माध्यम से लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही योजना में शामिल पैकेज एवं सूचीबद्ध चिकित्सालयों में बढ़ोतरी सहित योजना के दायरे को ओर विस्तृत किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य में सूचीबद्ध एवं निष्क्रिय 141 निजी चिकित्सालयों को नोटिस जारी कर विभिन्न सरकारी योजनाओं से उन्हें हटाने की कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही बीएसबीवाई में सूचीबद्ध नहीं होने वाले चिकित्सा संस्थानों को भी मुख्यमंत्री जीवन रक्षा कोष योजना सहित अन्य राजकीय योजनाओं से हटाने के सम्बंध में कार्रवाई के निर्देश चिकित्सा मंत्री ने दिए। वहीं उन्होंने कहा कि बीएसबीवाई में कुशल प्रबंधन एवं अत्यधिक उपचार सुविधा देने वाले सूचीबद्ध निजी व राजकीय चिकित्सालयों को राज्यस्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही बीएसबीवाई के तहत लगे स्वास्थ्य मार्गदर्शकों में से श्रेष्ठ मार्गदर्शकों को भी सम्मानित किया जाएगा। 

योजना के प्रति बढ़ा उत्साह
एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन ने बीएसवाई की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों को सुलभ कैशलेस सुविधा मिलने से आमजन का योजना से जुड़ाव बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि योजना की शुरूआत की प्रथम तिमाही समीक्षा में क्लेम अपरूवल 15 से बढक़र 74.4 प्रतिशत हो गया है। साथ ही क्लेम पेंडिग रहने की दर 50 प्रतिशत से घट कर आज मात्र 3.9 प्रतिशत ही रह गई है।


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