रविवार, 18 दिसंबर 2016

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑनलाइन भुगतान शुरू 
-13 दिसंबर को हुए प्रसव से मिलेगा ऑनलाइन भुगतान, हर महिला खुलवाए बैंक खाता
श्रीगंगानगर,13 Dec। ऑनलाइन भुगतान के मामले में बेहतरीन कार्य कर रहा स्वास्थ्य विभाग अब एक और कदम आगे बढ़ते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऑनलाइन भुगतान शुरू कर दिया है। राजकीय चिकित्सा संस्थान व जेएसवाई के तहत अधिकृत निजी संस्थानों में 13 दिसंबर 2016 से होने वाले प्रसव पर महिलाओं व बालिकाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान नगद या चेक के माध्यम से नहीं किया जाएगा, बल्कि ओजस सॉफ्टवेयर के जरिए ऑनलाइन भुगतान प्रारंभ कर दिया गया है। एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन ने आहï्वान किया है कि राज्य की हर महिला का बैंक खाता खुलवाया जाए ताकि कोई भी इस प्रोत्साहन राशि से वंचित न हो। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (पीएचसी) में प्रसव के बाद प्रसूताओं को जेएसवाई के तहत सहायता राशि दी जाती है और इसी तरह बेटियों के जन्म पर भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से राजश्री योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यही राशि अब पीएचसी से ऑनलाइन प्रसूता के बैंक खाते में जमा करवाई जाएगी। वहीं पीएचसी के अधीन आने वाले उप स्वास्थ्य केंद्रों में होने वाले प्रसवों पर भी भुगतान ऑनलाइन होगा। अब तक ओजस सॉफ्टवेयर के माध्यम से केवल जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ही ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा था। लेकिन अब 13 दिसम्बर से पीएचसी पर भी ओजस लागू हो गया। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई के मुताबिक प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत शहरी क्षेत्रों में 1000 व ग्रामीण क्षेत्रों में 1400 रुपए सहायता राशि भी ऑनलाइन मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री राजश्री योजना के तहत बेटी पैदा होने पर दी जाने वाली राशि भी ऑनलाइन दी जाएगी। इसके अलावा शुभलक्ष्मी योजना की द्वितीय किश्त का भुगतान भी ऑनलाइन होगा। लाभ लेने के लिए सभी प्रसूताओं को प्रसव से पहले अपना बैंक खाता खुलवाना अनिवार्य होगा। खाता नहीं होने की स्थिति में प्रसूता को प्रोत्साहन राशि नहीं मिलेगी।

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