गुरुवार, 1 दिसंबर 2016

‘‘सावधानी ही समझदारी है’’
विश्व एड्स दिवस पर हुए जागरूकता कार्यक्रम
श्रीगंगानगर। एचआईवी-एड्स को लेकर समाज में जागरूकता जरूरी है और इसके लिए हर संस्था, हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने आस-पास के लोगों को जागरूक करें। क्योंकि एड्स के प्रति सावधानी की समझदारी के समान है अन्यथा यह गंभीर व लाइलाज बीमारी किसी को भी अपने चपेट में ले सकती है। यह विचार गुरूवार को विश्व एड्स दिवस पर आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों में वक्ताओं ने रखे। जागरूकता कार्यक्रम चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जिला एड्स निवारण एवं नियंत्रण इकाई की ओर से श्रीगुरूनानक गल्र्स कॉलेज एवं डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर राजकीय कॉलेज में आयोजित किए गए। इस दौरान इकाई के डीपीओ डॉ. पुष्पेंद्र कुमार व डीआईएस नवल किशोर रामावत ने एडï्स के प्रति भ्रांतियों, विभिन्न धाराणाओं आदि का निराकरण करते हुए एचआईवी व एड्स के प्रति जानकारी दी।
कार्यक्रम में डीआईएस नवल किशोन ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के लक्ष्य के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि सरकार का आगामी वर्षों में एचआईवी के प्रति शून्य लक्ष्य को प्राप्ती करना है। जिसमें शून्य नए संक्रमण, शून्य एड्स संबंधित मृत्यु एवं शून्य संक्रमित व्यक्ति के प्रति भेदभाव के लक्ष्य को हासिल करना है। इन लक्ष्यों को हासिल करने में युवाओं की अहम भागीदारी हो सकती है। क्योंकि युवा न केवल इस बीमारी से बचें बल्कि युवा आमजन को जागरूक करने में भी अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि युवा अपने आस-पास के अशिक्षित, निर्धन व संचार संसाधनों से दूर लोगों पर ध्यान केंद्रीत करते हुए उन्हें जागरूक करें। खासकर मजदूरी के लिए बाहर से आने वाले या बाहर जाने वाले लोगों को जागरूक करें। कार्यक्रम के दौरान एचआईवी व एड्स के फैलने के कारणों व बचाव की जानकारी दी गई। साथ ही युवाओं को प्रेरित किया कि वे और समाज के लोग एचआईवी पीडि़त लोगों से भेदभाव न करें, बल्कि उनके जीवन-यापन में सहयोग करें। वहीं एचआईवी पीडि़त को हेय दृष्टि से न देखें क्योंकि यह केवल असुरक्षित यौन संपर्क से ही नहीं बल्कि अन्य कारण भी हो सकते हैं। सुविधाओं की जानकारी देते हुए युवाओं को बताया कि जिला चिकित्सालय में एचआईवी संक्रमित के इलाज व काउंसलिंग के लिए एआरटी सेंटर संचालित किया जा रहा है। साथ ही यौन संक्रमण के इलाज के लिए सुरक्षा क्लीनिक भी बनाया गया है। इसके अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एचआईवी काउंसलिंग व जांच की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध हैं।
हर किसी को करवानी चाहिए जांच
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि एचआईवी की जांच कोई भी व्यक्ति या महिला करवा सकते हैं। वैसे भी यह जांच हर किसी को करवानी चाहिए, क्योंकि बीमारी होने के कई वर्षों तक लक्षण दिखाई नहीं पड़ते बल्कि बीमारी होने के बाद कोई इलाज भी नहीं है। हालांकि जांच समय पर करवा ली जाए और बीमारी पकड़ में आ जाए तो व्यक्ति एआरटी के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। जांच सुविधा जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी व पीएचसी पर उपलब्ध है। इसके अलावा जिले के 11 निजी चिकित्सालयों मेें भी जांच की सुविधा उपलब्ध है।



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