अब शहरी क्षेत्र के मासूमों का मिटेगा मर्ज
-राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमें पहुंचेगी हर आंगनबाड़़ी केंद्र व स्कूलों में
श्रीगंगानगर। ग्रामीण क्षेत्र में मासूमों का मर्ज मिटाने में मुफीद साबित हुआ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अब शहरी क्षेत्र में भी पहुंचेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जल्द ही अपनी टीमों को जिला मुख्यालय के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों व राजकीय स्कूलों में भेजेगा। कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए विभाग अब प्रारंभिक अभ्यास कर इसे अमलीजामा पहनाने की तैयारी हैं। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल के मुताबिक 26 दिसंबर से टीमों को मैदान में उतारेंगे, जो लक्षित करीब 11 हजार बच्चों की सघनता से स्क्रीनिंग करेंगी। उल्लेखनीय है कि जिले में 11 जुलाई से प्रारंभ हुआ आरबीएसके अभी तक ग्रामीण क्षेत्र में चलाया जा रहा था।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि फिलहाल आरबीएसके के तहत चार टीमों का गठन किया है, जिसमें प्रशिक्षित आयुष चिकित्सक होंगे। यही टीमें जिला मुख्यालय पर स्थित सभी 139 आगंनबाड़ी केंद्रों और 21 राजकीय स्कूलों में जाएंगी। यहां के सभी पचास वार्डों का कोई भी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र आरबीएसके टीम के सर्वे से वंचित नहीं रहेंगे। टीमें यहां जाकर 19 वर्ष आयु तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी, जिसमें कोई भी बच्चा यदि किसी बीमारी से ग्रसित मिलता है तो विभाग की ओर से उनका पूर्णत: नि:शुल्क उपचार करवाया जाएगा। गंभीर बीमारी मिलने पर संबंधित बच्चे का जयपुर स्थित उच्च व प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में उपचार करवाया जाएगा, जिसका पूरा खर्चा विभाग वहन करेगा। आरबीएसके सह प्रभारी डॉ. भारत भूषण ने बताया कि जिला मुख्यालय पर आगंनबाड़ी केंद्र्रों में करीब सात हजार और स्कूलों में करीब चार हजार बच्चे हैं। टीमों को सख्त निर्देश होंगे कि सर्वे के दौरान कोई भी बच्चा स्वास्थ्य परीक्षण से वंचित न हो। इसके लिए बकायदा आंगनबाड़ी केंद्र संचालिका को भी पाबंद किया जाएगा कि वे इस दौरान बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करें।अब तक सवा लाख स्क्रीनिंग
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिले में 11 जुलाई से प्रारंभ हुए आरबीएसके के तहत अब तक एक लाख 25 हजार बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें करीब दस हजार बच्चे विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मिले। विभाग की ओर से इनका नि:शुल्क उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। वहीं हृदï्य रोग से पीडि़त मिले 15 बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन करवा उपचार करवाया गया, जबकि कटे होंठ व तालू वाले 24 बच्चों का भी नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया गया। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य परीक्षण कर सभी तरह की बीमारियों का खाका तैयार किया जाएगा और हर संभव प्रयास कर सभी बच्चों को इलाज मुहैया करवाया जाएगा।
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