बुधवार, 11 जनवरी 2017

भामाशाह स्वास्थ्य बीमा से लाभान्वित हुए हजारों मरीज
-साढ़े 11 करोड़ के साढ़े 24 हजार पैकेज बुक, जिले में जुड़े 29 निजी हॉस्पीटल
श्रीगंगानगर। राज्य सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना परवान है। योजना के जरिए लाभार्थी मरीज लगातार लाभान्वित हो रहे हैं और वर्तमान में करीब 24 हजार से अधिक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। संबंधित बीमा कंपनी की ओर से जिले के सरकारी व निजी चिकित्सालयों को अब तक सवा आठ करोड़ का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 11.33 करोड़ रुपए के
पैकेज बुक किए जा चुके हैं। जिनका शीघ्र ही स्वीकृत होकर भुगतान किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल के मुताबिक जिले में 13 राजकीय चिकित्सालय योजना के तहत अधिकृत है, जबकि 29 नए निजी हॉस्पीटल भी जुड़ चुके हैं। 
डॉ. बंसल ने बताया कि योजना के तहत सामान्य बीमारियों के लिए 30 हजार रुपए और गंभीर बीमारियों के लिए तीन लाख रुपए तक का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर स्थित आस्था किडनी केयर, आदर्श नर्सिंग होम, बहल हॉस्पीटल, आंचल हॉस्पीटल, जुबिन मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पीटल, मेक्सकेयर हॉस्पीटल, नयन मंदिर आई हॉस्पीटल, पेड़ीवाल नर्सिंग होम, टांटिया जनरल हॉस्पीटल, गौड़ हॉस्पीटल, आदित्य नर्सिंग होम, अर्पण हॉस्पीटल, नागपाल किडनी केयर, लालगढिय़ा हॉस्पीटल, तपोवन संस्थान, श्री जगदम्बा चेरीटेबल आई हॉस्प्ीटल, श्री बाला जी हॉस्पीटल, रिणवां ओर्थोपेडिक हॉस्पीटल, सिहाग हॉस्पीटल, महाराज अग्रसेन हॉस्पीटल, दिवोज हॉस्पीटल, सत्यम हॉस्पीटल, श्री ओम सांई हॉस्पीटल, थरेजा हॉस्पीटल, एंजेल हॉस्पीटल, एवं बंसल सुपरस्पेशलिटी हॉस्पीटल योजना से जुड़े हैं। श्रीकरणपुर का बेनीवाल हॉस्पीटल, घड़साना का शांति नर्सिंग होम व रायसिंहनगर का अग्रवाल हॉस्पीटल भी योजना के तहत बेहतर कार्य कर रहा है। इसी तरह जिला चिकित्सालय सहित अन्य 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर योजना का लाभ मिल रहा है। योजना का लाभ केवल भर्ती होने वाले मरीजों को ही दिया जा रहा है, अन्य ओपीडी मरीजों को पूर्व की भांति मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत लाभ मिल रहा है। योजना का लाभ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत आने वाले लाभार्थियों को दिया जा रहा है। मरीज व परिजनों को चाहिए कि वे जब भी हॉस्पीटल जाएं अपना भामाशाह कार्ड एवं पहचान पत्र साथ अवश्य ले जाएं ताकि लाभ मिलने में कोई परेशानी न हो। योजना के संबंध में किसी भी तरह की शिकायत के संबंध में नोडल प्रभारी अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को की जा सकती है।

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