शुक्रवार, 20 जनवरी 2017

स्वास्थ्य सूचकांक होंगे मजबूत, भारत सरकार रखेगी सीधी नजर 
-ऑनलाइन सॉफ्टवेयर को लेकर राज्यस्तरीय अधिकारी दे रहे हैं प्रशिक्षण

श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य सेवाओं व सूचकांकों में जल्द ही वृहï्द स्तर पर सुधार होगा, जिसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉकस्तरीय अधिकारियों व कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। चार दिवसीय प्रशिक्षण के बाद जल्द ही सभी सॉफ्टवेयर में न केवल सुधार होगा, बल्कि निचले स्तर की रिपोर्टिंग में भी सुधार लाया जाएगा। इसके बाद तैयार होने वाले डाटा यानी कि स्वास्थ्य सूचकांकों के आधार पर भारत सरकार संबंधित राज्य व जिलों को बजट देगी। जिला स्वास्थ्य भवन में 19 से 22 जनवरी तक आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यस्तरीय अधिकारी अशोक दत्त व अयूब कुरेशी सहित डीएनओ डॉ. कमल गुप्ता, डीपीएम विपुल गोयल व डीएसी रायसिंह सहारण प्रशिक्षण दे रहे हैं। 

सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर के दौरान आशा साफ्ट, ओजस सॉफ्टवेयर, पीसीटीएस, ई-उपकरण, ई-साधन व एचआईएमएस आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है। मुख्यत: डाटा गेप को कम करने सहित विभिन्न सुविधाओं के साथ आधार नंबर, भामाशाह आईडी, बैंक खाता संख्या, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर आदि जोडऩे पर चर्चा की जा रही है। इसके साथ ही डाटा क्वालिटी में सुधार को लेकर भी कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि न केवल डाटा की एंट्री हो बल्कि सही व तथ्यात्मक डाटा ही अपलोड किए जा सकें। प्रशिक्षण में बीसीएमओ, बीपीएम व डाटा एंट्री ऑपरेटर सम्मिलित हैं, जिन्हें अपने कार्य के साथ ही मोनिटरिंग के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। इसी तरह एमसीटीएस में एएनएम व आशाओं से जुड़े इश्यूज पर चर्चा की जा रही है। डीएनओ डॉ. कमल गुप्ता ने बताया कि ई-उपकरण को लेकर विशेष जोर दिया जा रहा है, क्योंकि इसी के जरिए स्वास्थ्य संस्थाओं में रखे सभी उपयोगी व अनउपयोगी उपकरणों की स्थिति सामने आएगी। वहीं जब भी कोई उपकरण खराब होगा तो तुरंत प्रभाव से शिकायत के साथ ही संबंधित कंपनी उसे दुरुस्त करवाएगी। प्रशिक्षण के दौरान मोबाइल एकेडमी, किलकारी आदि पर भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के बाद जल्द ही जिलास्तर से विस्तृत मोनिटरिंग कर डाटा संधारित करवाए जाएंगे, जो किए जा रहे हैं उनकी मोनिटरिंग की जाएगी। जैसे ही डाटा भारत सरकार के पास पहुंचेंगे, वहां हेल्थ इंडेक्स तैयार होंगे और भविष्य में इसी आधार पर संबंधित राज्य व जिले के लिए बजट व योजनाएं तैयार होंगी।

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