बच्चों के लिए दवा की हर बूंद जरूरी - जिला कलेक्टर
-नियमित टीकाकरण में शामिल हुआ रोटा वायरस वैक्सीन, राज्य सहित जिले में शुभारंभ
श्रीगंगानगर। बच्चों में रोटा वायरस के कारण लगने वाले दस्त की रोकथाम के लिए अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग नि:शुल्क दवा देगा। यह दवा बच्चों को छह, दस एवं 14 सप्ताह की आयु में दी जाएगी। राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी में शामिल किए गए रोटा वायरस वैक्सीन का गुरूवार को जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने पुरानी आबादी डिस्पेंसरी से शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, डिप्टी कंट्रोलर डॉ. प्रेम बजाज, डिस्पेंसरी प्रभारी डॉ. दीपिका मोंगा, डॉ. नीरू बवेजा, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, एनयूएचएम प्रभारी नकुल शेखावत, सिवेंद्र एवं कुलदीप स्वामी मौजूद रहे।
जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने कहा कि सभी चिकित्सा संस्थानों पर कार्मिक गंभीरता से इस कार्यक्रम को लेकर कार्य करें एवं नियमित रूप से बच्चों को दवा पिलाई जाए। उन्होंने कहा कि परिजन भी जागरूक होंं, क्योंकि बच्चों के लिए दवा की हर बूंद जरूरी है। आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी में 23 मार्च से दस्त रोग प्रतिरक्षक रोटा वायरस वैक्सीन भी शामिल हो गया है। इसी के साथ राज्य में बच्चों को रोटा वायरस वैक्सीन की पांच गुलाबी बूंदे 6, 10 और 14 सप्ताह की उम्र में नियमित टीकाकरण के साथ पिलाई जाएगी। यह दवा ऑरल वैक्सीन है, यानी पोलियो बूंद की तरह बच्चों को मुंह के जरिए पांच बूंदें दवा के रूप में दी जाएगी। यह दवा जिले के सभी जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, सब सेंटर, आंगनबाड़ी केंद्र आदि पर पिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि देश में 3.3 लाख बच्चों की डायरिया से मौत होती है, जिनमें 40 फीसदी बच्चों की मृत्यु रोटा वायरस से होती है। इसी तरह देश में करीब नौ लाख बच्चे रोटा वायरस की चपेट में आने से अस्पताल में भर्ती होते हैं। गुरूवार को जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी खण्ड मुख्यालयों और सीएचसी व पीएचसी पर भी रोटा वायरस वैक्सीन की शुरूआत को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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