मंगलवार, 4 अप्रैल 2017

पूरे जिले में चलेगा मिशन इंद्रधनुष, बचाएगा नौ बीमारियों से
-जिला कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, सादुलशहर ब्लॉक पर रहेगी विशेष नजर
श्रीगंगानगर। राज्य में सात अप्रेल से शुरू हो रहे मिशन इंद्रधनुष को लेकर श्रीगंगानगर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने नवाचार करते हुए पूरे जिले में ही मिशन इंद्रधनुष चलाने का निर्णय लिया है। कम टीकाकरण होने के कारण भारत सरकार ने जिले के सादुलशहर ब्लॉक को ही मिशन इंद्रधनुष के लिए चिन्हित किया था, लेकिन मंगलवार को जिला कलेक्टर ज्ञानाराम की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूरे जिले में कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता, डीपीएम विपुल गोयल, डीएएम सतीश गुप्ता, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई सहित सभी बीसीएमओ एवं बीपीएम मौजूद रहे। 
जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने कहा कि इस कार्यक्रम को लेकर पूरी गंभीरता बरती जाए और हर वंचित बच्चे तक पहुंच हो। उन्होंने कहा कि टीकाकरण से वंचित रहने की कोई जानकारी मिली तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ ही सभी बीडीओ एवं आईसीडीएस विभाग के अधिकारियों को पाबंद किया कि वे बेहतर समन्वय बनाते हुए कार्यक्रम के प्रति गंभीरता दिखाएं। सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि सात अप्रेल से शुरू हो रहा मिशन इंद्रधनुष आगामी चार माह तक चलेगा। कार्यक्रम हर माह की सात तारीख को शुरू होगा और एक माह एक सप्ताह तक चलेगा। उन्होंने कहा कि वंचित बच्चों के परिजनों को टीकाकरण सत्र की सूचना देने के लिए आशा सहयोगिनियों को निर्देशित किया गया है। मिशन इंद्रधनुष के तहत नियमित टीकाकरण के अलावा वहां सत्र आयोजित किए जाएंगे जहां अक्सर सत्र नहीं होते और बच्चे टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं। ऐसे बच्चों को आशा डायरी के साथ ही आशा सर्वे के  जरिए चिन्हित किया जा रहा है। सादुलशहर ब्लॉक में कम टीकाकरण के चलते वहां विशेष नजर रखी जा रही है और जिलास्तरीय अधिकारी मोनिटरिंग कर रहे हैं।
इन बीमारियों से बचाएंगे टीके
टीकाकरण से वंचित बच्चों के लिए शुरू किए गए मिशन इंद्रधनुष के तहत निर्धारित सत्रों में टीकाकरण किए जाएंगे। ये टीके बच्चों को नौ तरह की गंभीर बीमारियों से बचाएंगे। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि टीके न लगवाने की स्थिति में बच्चे को संबंधित बीमारियां जकड़ सकती हैं, लिहाजा परिजनों को भी चाहिए कि वे आवश्यक रूप से बच्चों के नियमित टीकाकरण करवाएं। समय-समय पर लगने वाले ये टीके टीबी, गल घोण्टू, काली खांसी, टिटनेस, निमोनिया, डायरिया, पोलियो, हेपेटाइटिस-बी व खसरा जैसी गंभीर बीमारियों से बचाते हैं। सादुलशहर के ये गांव हाई रिस्क में
आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि सादुलशहर के वार्ड नंबर सात, गांव 19 केएसडी, करड़वाला, अमरगढ़, सात केआरडब्ल्यू, केसीसी ईंट उद्योग, 26 पीटीपी, खैरूवाला, नारायण ईंट उद्योग, बुधसिंहवाला, आरबीआई ईंट उद्योग, एसकेआर ईंट उद्योग, 15 केआरडब्ल्यू, चक सोहनेवाला, बराड़ ईंट उद्योग, पेड़ीवाल ईंट उद्योग, चक दुलरासर, सात बीएनडब्ल्यू, चुघ ईंट उद्योग, केडी ईंट उद्योग, केके ईंट भटï्ठा, एक एलएनपी, आठ एसडीपी, 12 बीएनडब्ल्यू, श्यामसिंह वाला, यादव ईंट उद्योग, तीन एसपीएम, 12 एसडीपी, गुरदयाल ईंट उद्योग, विश्वकर्मा ईंट उद्योग, नौ एलएलजी, मलेठिया ईंट उद्योग, रोटावाली, 19 एलएनपी, 28 एलएनपी प्रथम एवं 10 टीकेडब्ल्यू को मिशन इंद्रधनुष के लिए चिन्हित किया गया है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें