शुरू हुआ विटामिन-ए अभियान
-30 जून तक पिलाई जाएगी दवा, नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चे होंगे लाभान्वित
श्रीगंगानगर। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने और रतौंधी सहित अन्य आंखों की बीमारियों से बचाव के लिए जिले में मंगलवार स्े विटामिन-ए का 33वां चरण शुरू हुआ। जिला मुख्यालय पर पुरानी आबादी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता, यूपीएचसी प्रभारी डॉ. दीपिका मोंगा, डीपीएम विपुल गोयल, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, पीएचएन सविंद्रसिंह, कुलदीप स्वामी एवं सुखजीत कौर ने नौनिहालों को दवा पिलाकर कार्यक्रम की शुरूआत की। मंगलवार से प्रारंभ हुआ यह चरण संपूर्ण राज्य में एक साथ 30 जून तक चलेगा। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि इस दौरान नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी।
इस मौके पर डॉ. दीपिका मोंगा ने कहा कि परिजनों को चाहिए कि वे अपने नौ माह से पांच वर्ष आयु तक के बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर बच्चों को विटामिन ए की दवा अवश्य पिलाएं। क्योंकि यह उनकी शारीरिक क्षमता, रोग प्रतिरोधक क्षमता एवं आंखों के लिए बेहद फायदे मंद हैं। उन्होंने बताया कि विटामिन ए की दवा आंगनबाड़ी केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप जिला अस्पताल एवं जिला अस्पताल पर पिलाई जा रही है। जिन बच्चों को एक बार दवा पिलाई गई है उन्हें छह माह से पूर्व दवा न पिलाएं, क्योंकि यह दवा 6 माह के अन्तराल से पिलाई जाती है। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए आखों की बीमारियों जैसे रतौंधी व अंधता से बचाव के साथ-साथ बच्चों में शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि के लिए भी आवश्यक है। विटामिन-ए से बच्चों में दस्त एवं निमोनिया आदि बीमारियों के घातक प्रभाव में कमी लाई जा सकती है। इस विटामिन के जरिए पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्युदर में भी कमी आती है। 33वें चरण के दौरान एक से पांच साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को विटामिन-ए की दो एमएल खुराक पिलाई जाएगी एवं 9 माह के बच्चों को जिन्हें मिजल्स के साथ विटामिन-ए नहीं दी गई है, को विटामिन-ए की एक एमएल खुराक पिलाई जाएगी। जिन स्थानों पर आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं हैं, वहां एएनएम एक से पांच साल तक के बच्चों को यह खुराक पिलाएगी। शुक्रवार को जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी खण्ड मुख्यालयों सहित सीएचसी, पीएचसी, आंगनबाड़ी व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा पिलाई गई।
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