सोमवार, 29 मई 2017

मंगलवार से पिलाई जाएगी विटामिन-ए
-एक माह चलेगा 33वां चरण, नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों दी जाएगी दवा
श्रीगंगानगर। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने और रतौंधी सहित अन्य आंखों की बीमारियों से बचाव के लिए जिले में शुक्रवार से विटामिन-ए का 33वां चरण शुरू होगा। यह चरण संपूर्ण राज्य में एक साथ होने जा रहा है जो आगामी 30 जून तक निरंतर चलेगा। इस दौरान नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि मंगलवार को पुरानी आबादी यूपीएचसी में सुबह 11 बजे विधिवत रूप से बच्चों को दवा पिलाकर कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस दौरान कार्यक्रम प्रभारी आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, यूपीएचसी प्रभारी डॉ. दीपिका मोंगा सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहेंगे। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि विटामिन ए की दवा आंगनबाड़ी केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप जिला अस्पताल एवं जिला अस्पताल पर पिलाई जाएगी। यह खुराक 6 माह के अन्तराल से पिलाई जाती है। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए आखों की बीमारियों जैसे रतौंधी व अंधता से बचाव के साथ-साथ बच्चों में शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि के लिए भी आवश्यक है। विटामिन-ए से बच्चों में दस्त एवं निमोनिया आदि बीमारियों के घातक प्रभाव में कमी लाई जा सकती है। इस विटामिन के जरिए पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्युदर में भी कमी आती है। 33वें चरण के दौरान एक से पांच साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को विटामिन-ए की दो एमएल खुराक पिलाई जाएगी एवं 9 माह के बच्चों को जिन्हें मिजल्स के साथ विटामिन-ए नहीं दी गई है, को विटामिन-ए की एक एमएल खुराक पिलाई जाएगी। जिन स्थानों पर आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं हैं, वहां एएनएम एक से पांच साल तक के बच्चों को यह खुराक पिलाएगी। 

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