बुधवार, 7 जून 2017

जानलेवा बीमारियों से बचाएगा मिशन इन्द्रधनुष
-शुरू हुआ तीसरा चरण, सादुलशहर सहित अन्य खण्डों में भी होगा विशेष टीकाकरण
श्रीगंगानगर। मिशन इन्द्रधनुष अभियान का तीसरा चरण मंगलवार से शुरू हुआ जो आगामी 13 जून तक चलेगा। पहले दिन सादुलशहर सहित अन्य खण्डों में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए और आगामी दिनों में भी ऐसे सत्र आयोजित किए जा
एंगे ताकि वंचित बच्चों को शत-प्रतिशत टीकाकरण किया जा सके। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय टीकाकरण के वर्तमान कवरेज को बढ़ाने के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में छूटे हुए व अप्रतिरक्षित बच्चों को सात अप्रेल से प्रति माह सात दिन मिशन इन्द्रधनुष अभियान के तहत विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित कर टीके लगाए जा रहे हैं। अभियान जुलाई माह तक चलेगा। आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि जिले के सादुलशहर खण्ड में टीकाकरण प्रतिशत कम है या यहां हाईरिस्क क्षेत्र-ढाणियां अधिक हैं इसलिए इस खण्ड पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके निर्देश राज्यस्तर से भी प्राप्त हुए हैं। हालांकि जिलास्तर पर नवाचार करते हुए जिले के अन्य खण्डों में भी अभियान चलाकर 6 वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। अभियान में बच्चों को बूस्टर डोज देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए माईक्रोप्लान के साथ ही समन्वित प्रयास द्वारा शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। मिशन इन्द्रधनुष के तहत आशा-सहयोगिनियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से टीकाकरण से शेष रहे बच्चों को चिन्हित कर निर्धारित दिन सभी बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। कच्ची बस्तियों, ईंट-भट्टों इत्यादि के साथ ही घूमन्तु बच्चों के टीकाकरण भी किया जा रहा है। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि राष्ट्रीय टीकाकरण के तहत बच्चों को नौ जानलेवा बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाते हंै जिनमें बच्चों में होने वाली टीबी, कुकरखांसी, गलघोंटू, टीटेनस, हिपेटाईटिस, खसरा, पोलियो, दिमागी बुखार व रोटा वायरस से होने वाले दस्त से बचाव के टीके लगाए जाते हंै। विभिन्न कारणों से कुछ बच्चों को या तो एक टीका भी नहीं लग पाता या कुछ टीके लगने रह जाते हैं। इस प्रकार के बच्चों में ये बीमारियां होने व इनसे मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए जरूरी है कि इन अपूर्ण टीकाकृत व अटीकाकृत बच्चों की पहचान कर उन्हें मिशन इन्द्रधनुष अभियान में टीके लगाए जाएं। इस ओर अभिभावकों सहित सामाजिक संगठनों व संस्थाओं को भी ध्यान देना चाहिए ताकि देश के शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण हो सके। 

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