स्वास्थ्य शिविरों से लाभान्वित हो रहे ग्रामीण
-हर माह लग रहे स्वास्थ्य व जागरूकता शिविर, अब शहर में भी लगेंगे शिविर
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर माह पांच व 20 तारीख को आउटरीच शिविर लगाकार आमजन को स्वास्थ्य लाभ के साथ ही जागरूक किया जा रहा है। विभाग की ओर से इन तारीखों में ये शिविर नियमित रूप से अलग-अलग ग्राम पंचायतों में लगाए जा रहे हैं। वहीं अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर भी शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविरों के दौरान जहां आमजन की सामान्य स्वास्थ्य जांच की जाती है, वहीं शुगर व उच्चरक्तचाप के नए मरीज भी चिन्हित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कैंसर के प्रति आमजन में जागरूकता पैदा की जा रही है और उन्हें नियमित जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है। एनसीडी अनुभाग की ओर से लगने वाले इन शिविरों में एनसीडी में कार्यरत पीएचसी व सीएचसी स्तर के स्टाफ व जिलास्तरीय स्टाफ अपनी सेवाएं दे रहे हैं।सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि अभी तक छह स्वास्थ्य व जागरूकता शिविरों के जरिए 429 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जिनमें 69 शुगर व 37 उच्चरक्तचाप के नए मरीज मिले हैं। उन्होंने बताया कि 20 मई को साहिबसिंह व मटीलीराठान, पांच जून को मिर्जेवाला व 11 क्यू, 13 जून को डूंगरसिंहपुरा, 16 जून को गुलाबेवाला, 20 जून को संगतपुरा व दौलतपुरा, 23 जून को पन्नीवाला में शिविर लगाए गए। एनसीडी अनुभाग के अर्श बराड़ ने बताया कि 30 जून को अरायण, सात जुलाई को लाधुवाला, 14 को लालगढ़ जाटान, 11 जुलाई को धनूर, 25 को खरलां, एक अगस्त को मोरजण्डाखारी, 11 अगस्त को 61 एफ, 18 को हाकमाबाद, 28 को चक महाराजका, आठ सितंबर को बनवाली, 13 को ममडख़ेड़ा व 26 सितंबर को जोगिवाला में शिविर लगाए जाएंगे। इसी के साथ ही आशा सहयोगिनियों व एएनएम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं एनयूएचएम के आउटरीच शिविरों में भी शहरी क्षेत्रों में भी एनसीडी अनुभाग की टीमें जाएंगी। अब शहरों में स्वास्थ्य व जागरूकता शिविर लगाकर शुगर व उच्चरक्तचाप के नए मरीज चिन्हित किए जाएंगे और उन्हें जागरूक किया जाएगा।
इसलिए लगाए जा रहे शिविर
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि सामान्य लोगों को शुगर व उच्चरक्तचाप की समस्या सामने आ रही है लेकिन अक्सर आमजन इसके प्रति अनदेखी कर देते हैं। यही वजह है कि विभाग ने गांव-गांव जाकर ऐसे लोगों को न केवल चिन्हित करना शुरु किया है बल्कि उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है ताकि शरीर किसी गंभीर बीमारी की चपेट में न आए। अब शहरी क्षेत्र में भी शिविर लगाकर जांच कर ऐसे मरीजों को चिन्हित किया जाएगा। वहीं छह ब्लॉकों में चल रहे मेडिकल मोबाइल वैन एवं यूनिट के जरिए भी शुगर व उच्चरक्तचाप की जांच की जाएगी। वाहन प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि वे नियमित हर शिविर में ऐसे मरीजों को चिन्हित कर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर मरीज को रैफर करें एवं इसकी रिपोॢटंग भी करें। शुगर व उच्चरक्तचाप को लेकर आमजन को भी सतर्क होने की जरूरत हैं और हर किसी को चाहिए कि वे अपनी जांच नियमित रूप से करवाएं।

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