शनिवार, 24 जून 2017

बेटियां बचाने के अभियान में राजस्थान बना रॉल मॉडल
यूपी में राजस्थान की तर्ज पर लागू हुई मुखबिर योजना, अन्य राज्य भी सीख रहे डिकॉय कार्रवाई
श्रीगंगानगर। राजस्थान में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सफलतापूर्वक लागू किए गए पीसीपीएनडीटी कानून का असर देशभर में दिखने लगा है। राज्य सहित बाहरी राज्यों में हो रहे डिकॉय ऑपरेशन की सख्ती से अब अन्य राज्य भी इसी तर्ज पर मुखबिर योजना शुरु कर रहे हैं और इसी कड़ी में आज से उत्तरप्रदेश में योजना लागू कर दी गई। राजस्थान के बाद अब यूपी पीसीपीएनडीटी कानून लागू करने वाला तीसरा राज्य हो गया है। कुछ समय पहले उत्तरप्रदेश की एक टीम राजस्थान पहुंची थी, जहां उन्होंने पीसीपीएनडीटी सैल की कार्यवाही को समझा और इसी आधार पर विगत दिनों राजस्थान के अधिकारियों सहित यूपी टीम ने बुलंदशहर में डिकॉय ऑपरेशन को अंजाम दिया। यही वजह है कि यूपी सरकार ने मुखबिर योजना लागू करने में देर नहीं की। इसके अलावा गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखण्ड, बिहार और पंजाब में भी पीसीपीएनडीटी सैल स्थापित की जा रही है।
एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन ने बताया कि पीसीपीएनडीटी टीम ने अभी तक प्रदेश में 75 डिकॉय ऑपरेशन किए, जिनमें सात यूपी में हुए। उन्होंने बताया कि अब तक हुए डिकॉय ऑप्रेशन में 59 राजस्थान और 16 डिकॉय राजस्थान के बाहर हुए। उन्होंने बताया कि राजस्थान ने साबित कर दिया है पीसीपीएनडीटी लागू करने में हमारा राज्य देश में अव्वल है और आगामी दिनों में भी लगातार कार्रवाई जारी कर कन्या भू्रण हत्या का कलंक जड़ से मिटाने का प्रयास करेंगे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने बताया कि  विगत दिनों यूपी के अधिकारी राजस्थान आए थे, जिन्होंने मुखबिर योजना को समझते हुए अपने प्रदेश में भी लागू करने की मंशा जताई। इसी तरह अन्य हिमाचल प्रदेश के अधिकारी भी जल्द ही राज्य में मुखबिर योजना को सीखने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मिशन निदेशक नवीन जैन के नेतृत्व में टीम का मनोबल बढ़ा है और टीम सर्वेश्रेष्ठ परिणाम दे रही है। 
राजस्थान की टीम ने की यूपी में कार्रवाई
डिकॉय कार्रवाई में स्पेशलिस्ट बनी राजस्थान की टीम विगत दिनों ने विगत दिनों बुलंदशहर (उत्तरप्रदेश) जाकर डिकॉय ऑप्रेशन किया। एएसपी श्री सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि बुलन्दशहर में भू्रण लिंग जांच करने का खेल चल रहा है। इसके बाद रणनीति तैयार कर उत्तरप्रदेश की टीम के साथ कार्यवाही करते हुए बुलंदशहर में दो डिकॉय ऑप्रेशन किए। दोनों डिकॉय ऑप्रेशन सफल रहे और कई लोगों को सलाखों के पीछे भेजा। इसी तरह पंजाब सहित अन्य पड़ोसी राज्यों में डिकॉय कार्रवाई की गई है। 
एमडी जैन की बदौलत मुखर हुए मुखबिर
श्री सिंह ने बताया कि मुखबिर योजना 2012 में शुरु की गई, जिसमें केवल मुखबिर को ही सूचना मिलने पर राशि दी जाती थी। वर्ष 2015 में नवीन जैन के आने के बाद इसमें फेरबदल किया और इसमें गर्भवती महिला और महिला के सहयोगी को भी शामिल किया गया। योजना में मिलने वाले दो लाख रुपए को 40:40:20 के अनुपात में मुखबिर, गर्भवती महिला और महिला के सहयोगी में बांटा जाता था। श्री जैन के प्रयासों से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ ने वर्ष 2016 में राशि बढ़ाकर अढ़ाई लाख रुपए कर दी। अब एक लाख रुपए मुखबिर को, एक लाख रुपए गर्भवती महिला व पचास हजार रुपए महिला के सहयोगी को दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 37 लाख रुपए मुखबिर योजना के तहत वितरित किए जा चुके हैं। 
बढ़ रहा है लिंगानुपात
राज्य में हो रहे डिकॉय ऑपरेशन के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। जबसे डिकॉय शुरु हुए हैं उसके बाद लगातार लिंगानुपात में बढ़ोतरी हुई है। श्री सिंह ने बताया कि जनगणना 2011 के अनुसार राज्य में लिंगानुपात 888 था। वर्तमान में पीसीटीएस आंकड़ों के मुताबिक राज्य का लिंगानुपात 939 हो गया है और भविष्य में भी लिंगानुपात बढ़ोतरी की संभावना है। यही नहीं विभाग की ओर से लगातार बेटी बचाओ अभियान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 

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