गुरुवार, 6 जुलाई 2017

जिले को धूम्रपान मुक्त करने के होंगे प्रयास
-बैठक, निरीक्षण, निजी संस्थान का जुड़ाव, चालान होंगे प्रमुख 
श्रीगंगानगर। 03.07.2017- स्वास्थ्य विभाग जिले को तंबाकू मुक्त करने के लिए तीन नए काम करने जा रहा है। इसके साथ ही चिकित्सालयों को धूम्रपान मुक्त परिसर घोषित करने का भी निर्णय लिया है और आगामी दिनों यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चिकित्सालय पूर्णत: धूम्रपान मुक्त हों। इसी तरह गांव-कस्बों में भी धूम्रपान मुक्ति के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। प्राथमिक तौर पर एक या दो गांवों को रॉल मॉडल के रूप में चयन किया जाएगा ताकि अन्य गांव भी इससे प्रेरित हो। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि स्कूल या अस्पताल के पास धूम्रपान अब वर्जित रहेगा। ऐसा पाए जाने पर संबंधित से 200 रुपए तक का जुर्माना वसूला जाएगा। हाल ही में चिकित्सा निदेशालय में आदेश जारी कर सभी चिकित्सालयों परिसर को धूम्रपान मुक्त घोषित कर दिया है। कोटपा कानून के मुताबिक अब अस्पताल के 100 गज के दायरे में किसी भी प्रकार का धूम्रपान का सेवन और बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित होगी। इसको लेकर जल्द ही जिलेभर के चिकित्सा अधिकारियों, प्रभारियों और व्यापारियों के साथ बैठक की जाएगी। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि कानून के अनुसार अब सभी चिकित्सालय के भीतरी और बाहरी परिसर में धूम्रपान निषेध बोर्ड के साथ ही तंबाकू मुक्त चिकित्सा संस्थान की सूचना लगाना अनिवार्य कर दिया है। यदि इन संस्थानों पर ये सूचना और प्रचार-प्रसार नहीं पाया गया तो संबंधित चिकित्सा संस्थान के प्रभारी के नाम जुर्माना वसूला जाएगा। इसी के साथ ही चिकित्सक अपने क्षेत्र में आने-वाले संस्थानों के सौ गज के दायरे में भी धूम्रपान कानून के उल्लंघन पर वसूला लगा सकता है। वहीं निजी चिकित्सालयों पर भी तंबाकू मुक्त चिकित्सा संस्थान का बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, ऐसा नहंी किए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके साथ ही ऐसे निजी चिकित्सा संस्थान जो किसी राजकीय सेवाओं से जुड़े हुए हैं, उन्हें उक्त सेवाओं से अलग कर दिया जाएगा। विभाग की ओर से अब सभी चिकित्सा संस्थाओं का निरीक्षण कर समझाइश की जाएगी एवं उन्हें कानून के नियमों से अवगत करवाया जाएगा। इसी तरह व्यापारियों को कानून की पालना के लिए पुन: पाबंद किया जाएगा। 

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