शुक्रवार, 7 जुलाई 2017

ग्रामीण भी हाइपरटेंशन व डायबिटीज के शिकार
-स्वास्थ्य विभाग के आउटरीच शिविरों में सामने आए नए मरीज, अब शहरी क्षेत्र में शिविर
श्रीगंगानगर। फास्ट फूड, बिगड़ी दिनचर्या और खानपान के प्रति लापरवाही के चलते शहरी क्षेत्र के लोगों में हाइपरटेंशन, डायबिटीज जैसी बीमारियां होना सामान्य माना जाने लगा है लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी इन शारीरिक खामियों के शिकार हो रहे हैं। निश्चित ही इनके चलते वे अन्य बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं। इस संबंध में ताजा तथ्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए जा रहे आउटरीच शिविरों में सामने आए हैं। विभाग ने अप्रेल से जुलाई माह के बीच 46 शिविर लगाए, जहां 3055 लोगों की जांच हुई, जिनमें 197 हाइपरटेंशन व 254 डायबिटीज के मरीज मिले, जबकि 15 ऐसे भी ऐ जिन्हें दोनों समस्याएं थी। स्वास्थ्य विभाग लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविर लगाकार न केवल आमजन के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं बल्कि उन्हें जागरूक भी कर रहे हैं। विभाग ने अब शहरी क्षेत्र में शिविर प्रारंभ किए हैं, जो आगामी दिनों में लगातार चलेंगे। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाइपरटेंशन व डायबिटीज मरीजों का मिलना चिंता का विषय है और इसी के मदï्देनजर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व जागरूकता शिविर विभाग के एनसीडी अनुभाग की ओर से लगाए जा रहे हैं। आशाओं व एएनएम को प्रशिक्षित कर रहे हैं ताकि वे ग्रामीणों को इसे लेकर जागरूक कर सकें। डॉ. बंसल ने बताया कि शिविरों में केवल नए चिन्हित मरीजों के ही आंकड़े तैयार किए जा रहे हैं जबकि पहले से हाइपरटेंशन व डायबिटीज मरीजों की जांच कर उन्हें बेहतर उपचार के लिए रैफर किया जाता है। उन्होंने बताया कि अप्रेल माह में छह शिविर लगाए गए, जिसमें 351 लोगों की जांच की गई, जिनमें 34 हाइपरटेंशन व 55 डायबिटीज के मरीज मिले। इसी तरह मई में आयोजित छह शिविरों में 303 लोगों की जांच हुई जिनमें 36 हाइपरटेंशन व 46 डायबिटीज के मरीज मिले। जून माह में 25 शिविर लगाए गए, जहां 1595 लोगों की जांच हुई जिनमें 90 हाइपरटेंशन व 125 डायबिटीज मरीज मिले, जबकि सात मरीज ऐसे भी थे जिनमें दोनों समस्याएं थी। डॉ. बसंल ने बताया कि जुलाई माह में नौ शिविर लगाए जा चुके हैं, जहां 806 लोगों की जांच की गई। इसमें 37 हाइपरटेंशन व 28 डायबिटीज के मरीज मिले, जबकि आठ मरीजों में दोनों समस्याएं पाई गईं। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि शुक्रवार को गांव गांव लाधुवाला में आउटरीच शिविर लगाया गया, जहां मरीजों की जांच कर उन्हें जागरूक किया गया । शिविर में डॉ. सोनिया चुघ, अर्श बराड़, नवदीप मान, संदीप कुमार, सुनीता, पूजा तंवर, इंद्राज बिश्रोई आदि ने सेवाएं दी। शुक्रवार से ही शहरी क्षेत्र में शिविर प्रारंभ किए गए। पहले दिन पुरानी आबादी के वार्ड नंबर चार में शिविर लगाया गया। 

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