मंगलवार, 18 जुलाई 2017

आशाएं जगा रही बेहतर स्वास्थ्य की ‘आशा’
-नियमित हो रही जिलास्तरीय मोनिटरिंग, सुदृढ़ हुई आशा सहयोगिनी, बढऩे लगी मासिक आय
श्रीगंगानगर। आशा सहयोगिनियों के काम में इन दिनों निखार आता दिख रहा है। आए दिन हो रही बैठकों के जरिए न केवल आशाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है बल्कि उनको बेहतर कार्य के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। यह संभव हुआ है जिलास्तरीय मोनिटरिंग की वजह से, जिसमें इन दिनों एनएचएम टीम जी-जान से जुटी है। वहीं आशा सुपरवाइजर, ब्लॉक आशा सुपरवाइजर, बीपीएम, चिकित्सा प्रभारी अधिकारी एवं बीसीएमओ भी आशा सहयोगिनियों को लेकर गंभीर हुए हैं और उनके बेहतर कार्य के लिए प्रशिक्षित व प्रेरित कर रहे हैं। यही वजह है कि आशाओं की मासिक आय अब पहले के मुकाबले बढऩे लगी हैं। बहरहाल, ग्रामीण स्तर पर किया गया प्रयोग सफल हुआ है और अब जल्द ही शहरी आशाओं की बैठक कर उनमें नई ऊर्जा के साथ कार्य में नवाचार के लिए प्रशिक्षित व प्रेरित किया जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि आशा सहयोगिनियों की इन दिनों लगातार व नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं और इसकी मोनिटरिंग भी हो रही है। नवसंसाधनों का उपयोग कर पीएचसी आशा सुपरवाइजरों व बीपीएम का वाट्सएप गु्रप बनाया गया है, जिसमें हर बैठक का एजेंडा, फोटो एवं बैठक कार्रवाई की जिलास्तरीय समीक्षा की जा रही है। उल्लेखनीय है कि आशा सहयोगिनियों को प्रत्येक कार्य के लिए मानदेय मिलता है, जिससे वे हर माह दस हजार रुपए तक मानदेय ले सकती हैं। आशा प्रभारी रायसिंह सहारण के मुताबिक प्रसव पूर्व चार जांच व प्रसव के लिए ग्रामीण आशा को 300-300 रुपए व शहरी आशा को 200-200 रुपए, महिला मृत्यु की रिपोर्ट पर 200 रुपए मोबाइल रिचार्ज, एचबीएनसी के 250 रुपए, आधार व बैंक विवरण के पांच रुपए, कुपोषित बच्चों के लिए 150 रुपए, एसएनसीयू फॉलोअप के 200 रुपए, सॉशल मॉबिलाइजेशन (एमसीएचएन) के 150 रुपए, पूर्ण टीकाकरण के 100 रुपए, बूस्टर डॉज के 50 रुपए, प्रसव पश्चात नसबंदी के लिए महिला को प्ररित करने पर 300 रुपए, महिला नसबंदी के 200, पुरुष नसबंदी के 300 रुपए, एक या दो बच्चों पर नसबंदी के 1000 रुपए, शादी से दो साल तक बच्चे न पैदा करने के लिए प्रेरित करने पर 500 रुपए, दूसरे बच्चे में तीन साल का अंतर रखने के लिए प्रेरित करने पर 500 रुपए, पीपीआईयूसीडी के लिए 150 रुपए, कुष्ठ पंजीकरण के 250 रुपए, कुष्ठ उपचार के लिए 400 (पीबी केस)व 600 रुपए (एमबी केस), मलेरिया दवा के 75 रुपए, ब्लड स्लाइड तैयार करने के 15 रुपए, मासिक सेक्टर मीटिंग में उपस्थिति के 150 रुपए, मासिक गतिविधियों के 100 रुपए, माँ कार्यक्रम के 100 रुपए, मोतियाबिंद मरीज के 250 रुपए, टीबी केस प्रथम श्रेणी के एक हजार रुपए, द्वितीय श्रेणी के 1500 रुपए और चतुर्थ श्रेणी आईपी के दो हजार रुपए व सीपी के तीन हजार रुपए दिए जा रहे हैं। 

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