किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं, सख्त कार्रवाई होगी - कलेक्टर
-स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने बताई सरकार की मंशा, आमजन हो लाभान्वित
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य सुविधाओं व योजनाओं को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। किसी भी स्तर पर कोताही बरती गई तो सख्त कार्रवाई होगी। शिकायत व लापरवाही पर पहले तीन नोटिस, फिर चार्जशीट और इसके बाद आगामी कार्रवाई को अमल में लाया जाएगा। आमजन को विभाग की हर योजनाओं व सेवाओं को तुरंत लाभ मिलना चाहिए। राज्य सरकार की इस मंशा पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने ये निर्देश जिले के चिकित्सकों को दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक न केवल संबंधित मुख्यालय पर ठहराव करें बल्कि बेहतरीन मोनिटरिंग कर व्यवस्थाएं भी सुधारें। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने विभागी की पीएचसी की ओर से दिए गए निर्देशों को चिकित्सकों से साझा करते हुए कहा कि वे केवल मरीजों को लाभान्वित करने की ओर ध्यान दें, प्रशासनिक कार्य के लिए आयुष चिकित्सकों को चार्ज दे सकते हैं।
जिला कलेक्ट्रेट सभागार सभागार में आयोजित इस बैठक में जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने कहा कि विभाग में चल रहे सभी कार्यक्रमों, योजनाओं की मासिक रैंकिग बनाई जाए और जो उत्कृष्ट हैं उन्हें सम्मान और जो निकृष्ट हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। चिकित्सा प्रभारी विभाग की सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई है, ऐसे में चिकित्सकों को गंभीर होने की आवश्यकता है। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निजी हॉस्पीटल इलाज के लिए कोई खर्च नहीं ले सकते, यदि कोई ऐसा कर रहा है या लाभ देने से इनकार कर रहा है तो हॉस्पीटल को योजना से हटाया जाए एवं हॉस्पीटल को अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाए। उन्होंने बीएसबीवाई प्रभारी को पाबंद किया कि वे शिकायतों को जल्द से जल्द निराकरण करें और नियमित बैठक कर इस पर चर्चा करें। विगत बैठक नहीं होने पर जिला कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने सभी प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरीक्षण कर भामाशाह मार्गदर्शक की उपस्थिति एवं आमजन से बेहतर व्यवहार की समीक्षा करें और खराब स्थिति में मार्गदर्शक को हटा दूसरा मार्गदर्शक लगाएं। केसरीसिंहपुर में चिकित्सकों के रात्रि ठहराव नहीं होने को सीएमएचओ डॉ. बंसल ने गंभीरता से लेते हुए दोनों चिकित्सकों को मुख्यालय पर रुकने के आदेश दिए ताकि बीएसबीवाई के तहत मरीज भर्ती हो सकें। राजश्री व शुभलक्ष्मी योजना की बकाया किश्तों को लेेकर जिला कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में शत-प्रतिशत लाभार्थियों को लाभ मिलना चाहिए। जिला अस्पताल से योजना की रिपोर्टिंग नहीं होने और चेक कटे होने के मामले में जिला कलेक्टर ने पीएमओ प्रतिनिधि को निर्देशित किया कि वह शाम तक इसकी लिखित रिपोर्ट पेश करे। उन्होंने कहा कि यदि चेक कटे हुए हैं और उनकी एंट्री नहीं हुई है तो यह गंभीर है। कमजोर टीकाकरण पर उन्होंने आरसीएचओ को पाबंद करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। ई-उपकरण सॉफ्टवेयर में 18 चिकित्सा संस्थानों द्वारा रिपोर्ट नहीं देने पर उन्हें नोटिस देने के निर्देश दिए गए। वहीं जिले में कुल 2250 उपकरणों में से 671 की एंट्री नहीं होने पर उन्होंने तुरंत एंट्री करने के निर्देश दिए। एड्स के तहत जिले के रेड जोन में होने पर गंभीरता से चर्चा हुई और सभी प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को पाबंद करें कि हर गर्भवती महिला की एचआईवी जांच करें एवं इसी तरह अन्य लोगों को भी इस जांच के लिए प्रेरित करें। सीएमचओ डॉ. बंसल ने एनसीडी कार्यक्रम को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि शुगर व उच्चरक्तचाप के नए मरीज चिन्हित करें। वहीं ब्रेस्ट कैंसर मरीजों का फॉलोअप करें एवं आमजन को इसके प्रति जागरूक करें।
हरप्रभ आसरा के मरीजों को राहत
पदमपुर खण्ड में स्थित हरप्रभ आसरा में रहने वाले लोगों को मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत दवा उपलब्ध करवाने पर बैठक में चर्चा हुई। बीसीएमओ डॉ. मुकेश मेहता ने बताया कि यहां के मानसिक रोगियों के लिए दवा की नियमित आवश्यकता होती है, जो सीएचसी या पीएचसी से उपलब्ध करवाई जाए। जिस पर जिला कलेक्टर एवं सीएमएचओ ने उचित कार्रवाई का आश्वान देते हुए कहा कि इनकी हर संभव मदद की जाएगी ताकि मरीज लाभान्वित हो सके।
टीबी हो समूल नष्ट
टीबी कार्यक्रम पर चर्चा करते हुए बीसीएमओ व बीपीएम को निर्देशित किया गया कि वे नियमित निरीक्षण के दौरान टीबी मरीजों का भौतिक सत्यापन करें। देखें कि उन्हें समय पर दवा दी जा रही है या नहीं और उनकी सही देखभाल हो रही है या नहीं। वहीं जिन चिकित्सा संस्थानों में कम मरीज देखे गए उन्हें नोटिस देने के निर्देश जिला कलेक्टर ने दिए। इसी तरह अंधता निवारण कार्यक्रम की रिपोर्टिंग समय पर भेजने के लिए प्रभारी को पाबंद किया गया।

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