बुधवार, 2 अगस्त 2017

बहनों ने लिखी ‘भैया’ के नाम पाती
-जैन गल्र्स कॉलेज की छात्राओं ने भावुक हो एमडी नवीन जैन को भेजी राखियां
श्रीगंगानगर। बीते सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी नवीन जैन महज दो घण्टे के लिए श्रीगंगानगर पहुंचे, वो भी भारी बारिश में, रात के अंधेरे में। मकसद केवल इतना कि वे युवा बहनों को जागरूक कर सकें ताकि उनकी जैसी वे बेटियां भी इस दुनिया में आ सकें जो अभी गर्भ में पल रही हैं लेकिन न जाने कब, किन कू्रर हाथों/हथियारों का शिकार बन भू्रण हत्यारों की भेंट चढ़ जाए। श्री आत्मवल्लभ जैन गल्र्स कॉलेज में हुए इस व्याख्यान में शामिल हुईं बेटियों ने भी उन्हें गौर से सुना/समझा और वे इतनी भावुक हुईं कि उन्होंने बुधवार को न केवल उन्हें राखियां भेजीं बल्कि उन्हें एक पाती लिखते हुए यह आंदोलन जारी रखने का आग्रह भी किया। इन बहनों ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सीओआईईसी विनोद बिश्रोई एवं पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह को ये राखियां व पत्र सौंपा। इस दौरान जैन गल्र्स कॉलेज प्रबंधन सचिव नरेश जैन एवं सदस्य निर्मल भी मौजूद रहे। छात्राओं ने कहा कि डिकॉय ऑपरेशन जारी रहने चाहिए ताकि समाज में ऐसे घिनौने कृत्य करने वाले चिकित्सक, दलाल एवं अन्य लोग सलाखों के पीछे धकेले जा सकें।  - बहनों की ओर से मिशन निदेशक नवीन जैन के नाम लिखी हुबहू पाती यहां प्रकाशित की जा रही है, ताकि जागरूकता की इस अलख में इन युवा बहनों से प्रेरित हो, दूसरी बहनें भी आगे आ सकें। - 
भैया के नाम बहनों की पाती
‘‘अब तक केवल कन्या भू्रण हत्या के बारे में सुना/पढ़ा था, लेकिन सोमवार शाम को जब आपका व्याख्यान सुना तो बहुत सी ऐसी बातों, तथ्यों से रूबरू हो पाईं जिनसे अभी तक हम अनजान थीं। हमारी आंखें ये सोच कर नम हो आईं कि हम कितनी खुशकिस्मत हैं, जो आज इस दुनिया में है। आंसू, इसलिए भी झलक उठे कि हमारी जैसी लाखों बेटियां कोख में ही दफन हो गईं, वो भी अपनों के हाथों। व्याख्यान के दौरान सुखद अहसास हुआ कि आप और आपकी टीम जी-जान से, दिन-रात एक कर कोख में पल रही बेटियों को बचाने में जुटे हैं। 
हम, आपकी उस कलाई के लिए ये राखियां भेज रही हैं, जिसके जरिए न केवल आपने लाखों बेटियों को कोख में कत्ल होने से बचाया बल्कि उन अजन्मी बेटियों को भी सुरक्षित किया जो संभवत: आपके व आपकी टीम के प्रयास न होते तो गर्भ में ही मार दी जाती। यह पहली राखी है, जब हमें असली उपहार मिला है और हम इसीलिए ये राखियां बतौर रक्षा सूत्र भेज रहीे हैं ताकि ये रक्षा जारी रहे। ये राखी, उस अजन्मी बहन की तरफ से भी है जो आज आपकी बदौलत गर्भ में सुरक्षित है। निश्चित ही, आप एक सच्चे व अच्छे भाई के कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं लेकिन जिम्मेदारियां यहीं खत्म नहीं हो जाती, क्योंकि अभी भी समाज में कई कन्या भू्रण हत्यारे घूम रहे हैं जिन्हें सलाखों के पीछे धकेलना होगा। छोटी बहनें होने के नाते हम भी वचन देती हैं कि यदि ऐसी किसी भी तरह की जानकारी हमें मिली तो हम आपको जरूर सूचित करेंगी। 
हम, अपने छोटे-बड़े भाईयों से भी इस राखी पर गुजारिश करेंगी कि समाज में इस बुराई को जन्म लेते देखो तो उसे वहीं खत्म करने का प्रयास करो। सच्चाई का साथ दो चाहे तुम उसमें अकेले ही क्यों न हो। ऐसा न हो कि बेटियों को मूसीबत या समस्या समझ उसे जन्म ही न लेने दो। हमें विश्वास है कि हमारे भाई इस राखी ये वादा करेंगे कि वे भी भाभी को भू्रण लिंग जांच करवाने के लिए कभी बाध्य नहीं करेंगे और यदि उन्हें ऐसी कोई जानकारी मिली तो वे इसका पुरजोर विरोध जताते हुए कन्या भू्रण हत्यारों के बारे में आपको सूचित करेंगे। 
तो भैया, अपनी बहनों को इस बार राखी पर एक वचन आप भी दीजिए कि कन्या भू्रण हत्यारों के खिलाफ ये मुहिम बतौर ‘‘उपहार’’ जारी रहेगी।  

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