मंगलवार, 24 अक्टूबर 2017

डेंगू जांच के लिए एलाइजा टेस्ट ही करना होगा, निजी लैब व अस्पताल पाबंद
-केंद्र सरकार ने तय किए नियम-कायदे, 600 रुपए से अधिक नहीं लेने के निर्देश
श्रीगंगानगर। डेंगू को लेकर जिले सहित प्रदेश में फैलाए जा रहे दुष्प्रचार को रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने विशेष मोनिटरिंग करने का निर्णय लिया। वहीं इस संबंध में मंगलवार को जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने भी बैठक कर जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र सरकार के नियम-कायदों की अनुपालना करते हुए निजी लैब व अस्पताल संचालकों को पाबंद करें। ताकि कोई भी मरीजों व उनके परिजनों को डेंगू को लेकर न तो डराए और न ही जांच या उपचार के नाम पर लूट हो। उक्त को लेकर सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने निजी लैब संचालकों व अस्पताल संचालकों को लिखित में निर्देशित किया है कि वे केवल एलाइजा के जरिए ही डेंगू का टेस्ट करें। वहीं लैब संचालक डेंगू जांच के 600 रुपए से अधिक न लें। यदि इस संबंध में किसी तरह की शिकायत मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिले में डेंगू की स्थिति सामान्य है और इसे लेकर किसी तरह से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अनावश्यक रूप से मरीजों को लूटने के लिए डेंगू को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं और 100-150 रुपए वाली किट से जांच करते हुए मरीजों से 800-1000 रुपए तक वसूल रहे हैं जबकि उससे डेंगू की सही पुष्टि ही नहीं होती। केंद्र सरकार ने बकायदा इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि एलाइजा टेस्ट से ही डेंगू की पुष्टि की जाए और मरीज का उपचार किया जाए। उन्होंने कहा कि बाजार में कुछ निजी लैब संचालक जिस किट से जांच कर रहे हैं वो सामान्य बुखार में भी डेंगू बता रही है। इससे मरीज व उसके परिजन भयभीत होते हैं और उपचार के लिए हजारों-लाखों रुपए खर्च कर देते हैं जबकि मरीज को डेंगू होता ही नहीं। ऐसे में जरूरी है कि एलाइजा से जांच हो और पुष्टि होने पर ही उपचार हो। डॉ. बंसल ने बताया कि जल्द ही लैब संचालकों व अस्पताल संचालकों की बैठक कर उन्हें इस संबंध में विस्तार से निर्देशित किया जाएगा। वहीं उन्हें पत्र लिखकर इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया है। 
आमजन बरते सावधानी, रखें स्वच्छता
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग हर संभव प्रयास कर मौसमी बीमारियां के संबंध में कार्य कर रहा है लेकिन आमजन को भी चाहिए कि वे सतर्क रहते हुए सावधानी बरते। उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य अधिकारियों एवं फील्ड कार्मियों को मौसमी बीमारियों के प्रति सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मौसमी बीमारियों के दृष्टिगत दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चिता के साथ ही निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि डेंगू व मलेरिया मच्छर जनति बीमारी है इसलिए जरूरी है कि आस-पास स्वच्छता रखें ताकि मच्छर न फैले। वहीं पानी एकत्र न होने दें क्योंकि पानी एकत्र होते ही मच्छर पैदा होकर बीमारियां फैलाते हैं। घर की छतों पर टूटे फूटे सामान, टायर और अन्य अनावश्यक वस्तुओं को निकाल बाहर करें ताकि वहां पानी एकत्र न हो और न ही वहां मच्छर पैदा हो। कोशिश कर मच्छरदानी का भी प्रयोग करें और खासकर बच्चों को इसमें सुलाएं। कीटनाशक धुएं का भी प्रयोग फायदेमंद होता है। मुख्यत: साफ-सफाई का ख्याल रखते हुए न केवल खुद बचें, बल्कि आस-पड़ोस के लोगों को भी इन बीमारियों से बचाएं। फिर भी यदि इनकी चपेट में आ जाएं तो तुरंत चिकित्सीय परामर्श लें। जरा सी लापरवाही घातक हो सकती है।

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