बेटियां बचाने के लिए सामूहिक हुंकार भरेंगे युवा
बेटियां अनमोल है कार्यक्रम के तहत जल्द होगा बड़ा आयोजन, युवा होंगे मुहिम में शामिल
श्रीगंगानगर। कोख में कत्ल हो रही बेटियों और बेटा-बेटी का भेद मिटाने के लिए जल्द ही राज्य में एक दिन, एक समय पर राज्य के सभी युवा एक साथ हुंकार भरेंगे। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश में बेटी बचाओ अभियान के तहत एनएचएम एमडी नवीन जैन ने जयपुर स्थित कृषि अनुसंधान केन्द्र के सभागार में जनजागरण की एतिहासिक शुरुआत करते हुए 650 से अधिक ‘डेप रक्षकों’ स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया। हमारे जिले से भी अनेक युवाओं व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने प्रशिक्षण लिया। जल्द ही अब राज्य सहित जिले के हाई स्कूल, कॉचिंग सेंटरों व कॉलेजों में युवाओं से लोग मुखातिब होंगे और इनके माध्यम से समाज में बेटा-बेटी भेद समाप्त करने, भू्रण लिंग जांच न करवाने आदि संदेश दिया जाएगा।
एमडी जैन ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों व जनसमुदाय में फैली कुरीतियों सहित पब्लिक स्पीपिंग व संचार स्किल्स के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया। इस दौरान वीडियो के जरिए भू्रण हत्या के दौरान गर्भस्थ शिशु की अपील का सजीव प्रस्तुतीकरण किया गया। उन्होंने आह्वान किया कि संभवत: 17 नवम्बर को राज्य के 400 से अधिक शिक्षण संस्थाओं में डॉटर्स ऑर प्रीसियस के तहत वृहद् स्तर पर बेटी बचाओ अभियान की अलख जगाई जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव सीनियर आईएएस केके पाठक ने डेप-प्रशिक्षकों को अभियान में येागदान देने, भू्रण लिंग चयन व कन्या भू्रण हत्या जैसे जघन्य अपराध में शामिल न होने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर प्रभुल्ल कुमार, माउंट एवेरेस्ट फतह करने वाले गौरव शर्मा, साहित्यकार रिजवान एजाजी, एएसपी रघुवीर सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं जिले से पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, एनयूएचएम डीपीएम नकुल शेखावत, आशा प्रभारी रायसिंह सहारण, आरबीएसके की डॉ. सोनल कथूरिया, बीपीएम सुनील कुमार, दिनेश कुमार, कुलदीप स्वामी, पीपीएम गरिमा, प्रियंका, नरेश सिंह, जबराराम सहित कई स्वयंसेवक भी उक्त प्रशिक्षण में सम्मिलित हुए।

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