प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर दिखा गर्भवती महिलाओं में उत्साह
-आयुष व निजी चिकित्सकों सहित एनएचएम, नर्सिंग स्टाफ व आशाओं का रहा योगदान
श्रीगंगानगर। हर माह की भांति इस बार भी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस नौ तारीख को मनाया जाएगा, पर इस बार आयुष चिकित्सकों ने खासा उत्साह दिखाया, जिनकी बदौलत पीएमएसएमए सफलापूर्वक मनाया जा सका। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंधकीय स्टाफ सहित निजी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ व आशा सहयोगिनियों ने भी अपनी अहम भूमिका अदा करते हुए अभियान को सफल बनाया और गर्भवती महिलाओं को हर संभव स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई। अभियान जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित शहरी पीएचसी पर मनाया गया।
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को बेहतर व सहज स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जिले में गुरुवार को पीएमएसएमए मनाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह नौ बजे से तीन बजे तक महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई, जबकि कई संस्थानों पर यह सिलसिला चार बजे तक चलता रहा। जिला अस्पताल में डॉ. सोनल कथूरिया, डॉ. एकता शर्मा, डॉ. वाटिका, डॉ. शैलेंद्र, डॉ. अमित, डॉ. प्रदीप व डॉ. पूर्णिमा ने सेवाएं दी, मोनिटरिंग डॉ. पवन शर्मा ने की, वहीं अन्य केंद्रों पर करीब 70 आयुष चिकित्सकों ने सेवाएं दी। जिलास्तर से डीपीएम विपुल गोयल एवं ब्लॉक से संबंधित बीपीएम ने कमाल संभालते हुए निजी चिकित्सकों से समन्वय कर पीएमएसएमए को सफल बनाया। निजी चिकित्सकों में डॉ. विदुषी बेनीवाल, डॉ. विजय मक्कड़ व डॉ. नरेश चुघ सहित अन्य ने सेवाएं दी। श्रीकरणपुर ब्लॉक में 136 गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित किया गया, यहां बीपीएम सुनील कुमार ने मोनिटरिंग की। वहीं अन्य निजी चिकित्सकों ने ओपीडी में सेवाएं दी। पीएमएसएमए के दौरान महिलाओं को जागरूक कर नियमित रूप से आयरन की गोलियां खाने, हरी सब्जी, गुड़ व अन्य पोष्टिक आहार खाने के लिए प्रेरित किय गया, ताकि बच्चा पूर्णत: स्वस्थ जन्म ले। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना और मातृ एवं शिशु मुत्यृ में कमी लाना है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि द्वितीय व तृतीय तिमाही की गर्भवती महिला को कम से कम एक बार चिकित्सक द्वारा जांच हो। 
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