संभावित स्वाइन फ्लू के चलते प्रार्थना सभा पर रहेगी पाबंदी
- स्टूडेंट्स के जरिए पैदा की जाएगी जागरूकता, भीड़ वाले क्षेत्र से बचने की सलाह
श्रीगंगानगर। संभावित स्वाइन फ्लू के चलते जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के मदï्देनजर स्कूलों में होने वाली प्रार्थना सभाओं पर पाबंदी रहेगी। यह आदेश जिले के सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों पर लागू होंगे। इस संबंध में जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने प्रारंभिक एवं माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी को आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने सभी बीसीएमओ को पाबंद किया है कि वे स्वाइन फ्लू को लेकर पूरी सतर्कता बरतें एवं संभावित मरीज मिलने पर तुरंत जांच करवाएं।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीज प्रदेश में मिल रहे हैं। खासकर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं एवं बच्चे इसकी चपेट में आ सकते हैं। सोमवार से जिले के स्कूल लगने वाले हैं, इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सर्दी के मौसम में प्रार्थना सभाएं जिला कलेक्टर की ओर से बंद की गई है। वहीं निर्देशित किया गया है कि स्वाइन फ्लू के प्रति आवश्यक जानकारी बच्चों की दैनिक डायरी में इंद्राज की जाए एवं उस पर परिजनों के हस्ताक्षर भी मंगवाए जाएं ताकि घर-घर स्वाइन फ्लू का संदेश पहुंच सके। गौरतलब है कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। आमजन से अपील की गई है कि स्वाइन फ्लू का लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाएं। विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू की स्क्रीनिंग, दवाओं की उपलब्धता, सेम्पल एकत्रित करने की सुविधा, जांच की व्यवस्था, आईसोलेशन वार्ड की स्थिति, आईसीयू की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। आमजन टोल फ्री नंबर 104 से स्वाइन फ्लू के लक्षण, जांच एवं उपचार के विषय में आवश्यक जानकारी ले सकते हैं।
क्या करें, क्या नहीं करें
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर आमजन का जागरूक होना बेहद जरूरी है। छींक आना व नाक से पानी बहना, सांस लेने में कठीनाई, खांसी व गले में खरास, दस्त व उल्टी, तेज सिर दर्द व लगातार बुखार होने पर तुरंत जांच करवाएं। वहीं खांसते या छींकते समय अपने मुंह व नाक को रुमाल से ढकें, नाक, आंख या मुंह को छूने के बाद और पहले अपने हाथ अच्छे से धोएं, खांसी, बहती नाक, छींक व बुखार जैसे फ्लू के लक्षण से प्रभावित लोगों से दूरी बनाएं, भरपूर नींद लें, खूब पानी पीएं व पोषक भोजन करें, घर के दरवाजों के हैंडल, कीबोर्ड व मेज आदि को साफ रखें। वहीं हाथ मिलाने, गले मिलने आदि से परहेज करें, डॉक्टर से पूछे बगैर दवा न लें, इस्तेमाल किए गए रुमाल आदि का उपयोग न करें, स्वाइन फ्लू प्रभावित इलाके में जाने से परहेज करें, आवश्यकता होने पर मास्क लगाएं, घर के आस-पास गंदगी न होंने दें, भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें और स्वाइन फ्लू रोगी से अधिक निकटता न बनाएं।

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