केंद्रीय स्वास्थ्य दल ने किया जिले में सघन टीकाकरण सर्वे
बेहतर जिलों में हमारा श्रीगंगानगर, देश में संपूर्ण टीकाकरण को लेकर इसी आधार पर बनेगा प्लान
श्रीगंगानगर। देश में संपूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने के लिए इन दिनों केंद्रीय टीमें सघन सर्वे में जुटी है ताकि प्लान बना जल्द ही लक्षित महिलाओं व बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण हो सके। इसी कड़ी में पांच दिवसीय दौरे पर श्रीगंगानगर जिले में नई दिल्ली से आठ सदस्यीय टीम पहुंची और जिले के दो ब्लॉकों में सघन सर्वे किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आईटीएसयू की इस टीम ने सादुलशहर व रायसिंहनगर में सीएचसी, पीएचसी, सबसेंटर एवं गांवों सहित श्रीगंगानगर शहरी क्षेत्र में सर्वे किया।दरअसल, राज्य के चार जिलों को सर्वे के लिए केंद्रीय स्तर पर चयनित किया गया है, जिनमें टीकाकरण में दो उच्च प्रदर्शन एवं दो निम्न प्रदर्शन वाले जिले हैं। हमारा श्रीगंगानगर जिला बेहतर प्रदर्शन के कारण चयनित हुआ और टीम यहां पहुंची। हमारे जिले के साथ टोंक भी शामिल है। वहीं दो अन्य जिलों में भरतपुर व जैसलमेर हैं। केंद्र की टीमें अन्य राज्यों में इसी तरह सर्वे करने में जुटी है। जिला टीकाकरण प्रभारी आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि पांच दिन में टीमों ने रायसिंहनगर की गंगूवाला और सादुलशहर की लालगढ़ पीएचसी एवं इनके अधीन आने वाले सबसेंटरों व तीन-तीन गांवों का सर्वे किया। टीम जिला मुख्यालय पर झुग्गी-झोंपडिय़ों में भी पहुंची। इस दौरान टीम सदस्य चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों व लाभार्थियों से मुखातिब हुए। टीम ने टीकाकरण संबंधी समस्याओं, समाधान व बेहतर कार्य को लेकर तथ्य जुटाए। मुख्यत: सेवा में गेप, माइक्रोप्लान, संसाधन की उपलब्धता, प्रशासनिक ढांचा, रखरखाव, कोल्ड चैन, यातायात व्यवस्था, संचार माध्यम आदि के बारे में चर्चा की। वहीं जिलास्तर पर उन्होंने टीकाकरण प्रभारी सहित डीपीएम, डीएनओ, आशा व आईईसी समन्वयक से टीकाकरण को लेकर चर्चा की और जिले में की जा रही विशेष गतिविधियां की तथ्यात्मक जानकारियां जुटाईं। उल्लेखनीय है कि हमारा जिला टीकाकरण में श्रेष्ठ जिलों की श्रेणी में आता है।
क्या है आईटीएसयू -
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि भारत सरकार के सम्पूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) का लक्ष्य भारत में टीकों की उपलब्धता के जरिए लक्षित आयुवर्ग के सभी बच्चों और माताओं का सम्पूर्ण टीकाकरण कराना है। टीकाकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों में तेजी लाने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन (बीएमजीएफ) के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहमति पत्र के निर्देशन में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएचएफआई) ने अन्य पार्टनर्स (भागीदारों) के सहयोग से सामूहिक रूप से एक टीकाकरण तकनीकी सहायता इकाई (आईटीएसयू) की स्थापना की है। यह प्रयास स्वास्थ्य व्यवस्था, सरकार और सामाजिक संगठनों सहित अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ मिलकर काम करते हुए वास्तविक बदलाव लाने और प्रभाव बनाने के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रमों और प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करता है। आईटीएसयू, यूआईपी के विस्तार के लिए बीएमजीएफ की वित्तीय मदद से तकनीकी-प्रबंधकीय सहायता उपलब्ध कराती है, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए व्यवस्था को सशक्त बनाती है तथा टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की बहु-वर्षीय महत्वपूर्ण योजना के कार्यान्वयन में सहायता करती है। आईटीएसयू का प्रमुख उद्देश्य भारत में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की पहुंच, गुणवत्ता और कवरेज में सुधार (बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेष राज्यों पर विशेष ध्यान देते हुए) लाते हुए यूआईपी के कार्यान्वयन के लिए कारगर रणनीतियां तैयार करने के वास्ते संस्थागत क्षमता बढ़ाना और वर्तमान तथा भविष्य, दोनों के लिए कुशल वैक्सीन डिलिवरी सिस्टम तैयार करना है।
आईटीएसयू का विजन एवं मिशन सीओआईईसी विनोद बिश्रोई के मुताबिक प्रत्येक बच्चे तक पहुंच, कवरेज और गुणवत्ता की असमानताओं में कमी लाने और प्रत्येक योग्य बच्चे का टीकों से रोकी जा सकने वाली बीमारियों से बचाव करने में सम्पूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम की सहायता करना मुख्य विजन है। वहीं सम्पूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम को बल प्रदान करने के लिए कार्यक्रम प्रबंधन को बेहतर बनाना, कार्यकुशलता बढ़ाना, जवाबदेही तय करना एवं संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ बनाते हुए और प्रभावशाली नीतिगत निर्णय के लिए पुख्ता प्रामाणिक आधार तैयार कर एक समग्र ढांचा उपलब्ध कराना ही आईटीएसयू का मिशन है। आईटीएसयू सभी राज्यों के प्रदर्शन का आकलन, केंद्र एवं राज्य सरकारों की मौजूदा प्रक्रियाओं की समीक्षा और प्रमाणों पर आधारित नवीन पद्धतियों एवं कार्यनीतियों का निरूपण करते हुए टीकाकरण कवरेज को बेहतर बनाने में सहायता प्रदान करती हैै।

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