गुरुवार, 19 जुलाई 2018

भट्ठा कॉलोनी की मासूम प्रिया को मिली धडक़न
-जन्मजात हृद्य रोग से थी पीडि़त, स्वास्थ्य विभाग ने करवाया नि:शुल्क ऑपरेशन
श्रीगंगानगर। भट्ठा कॉलोनी रिको स्थित प्राथमिक विद्यालय में पढऩे वाली मासूम प्रिया के लिए स्वास्थ्य विभाग का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम मुफीद साबित हुआ है। जन्म से ही हृद्य रोग से पीडि़त प्रिया के पिता निर्धन हैं, ऐसे में महंगा इलाज करवा पाना उनके लिए मुश्किल था लेकिन आरबीएसके से न केवल प्रिया का नि:शुल्क ऑपरेशन हुआ बल्कि टीम अब भी उनके संपर्क में है ताकि प्रिया हमेशा हसंती, खिलखिलाती रहे। 

श्रीगंगानगर ब्लॉक की आरबीएसके टीम प्रभारी डॉ. सोनल कथूरिया बताती हैं कि भट्ठा कॉलोनी स्कूल में नियमित जांच में जब हमने नौ वर्षीय प्रिया को देखा तभी महसूस हुआ कि उसे कोई गंभीर बीमारी है। जांच करने एवं उसके परिजनों से पूछने पर मालूम हुआ कि उसे सांस लेने में काफी परेशानी होती है, वह दौड़ नहीं सकती, सांस चढ़ता है और सामान्य बच्चों की तरह जिंदगी नहीं जी रही है। ऐसे में प्रिया का इलाज करवाना बेहद जरूरी लगा, लेकिन पता चला कि प्रिया के पिता रेहड़ी लगाते हैं और वे बेहद निर्धन है। तीन बच्चों, पति-पत्नी व परिजनों का जीवन यापन बमुश्किल हो रहा है। टीम ने बिना देरी किए प्रिया की स्थानीय निजी हॉस्पीटल में नि:शुल्क इको करवाई, जिसमें गंभीर हृद्य रोग की पुष्टि हुई। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि इसके बाद तुरंत प्रभाव से बच्चे की रिपोर्ट जयपुर भेजते हुए उसके ऑपरेशन की तारीख मांगी गई। आखिरकार जयपुर से भी त्वरित कार्रवाई हुई और जयपुर के प्रतिष्ठित सीकेएस हॉस्पीटल में प्रिया का नि:शुल्क ऑपरेशन हुआ। बहरहाल, प्रिया पूरी तरह से ठीक है और वह सामान्य बच्चों की तरह जीवन यापन कर रही है। प्रिया के पिता रामेश्वर कहते हैं कि उनकी लाडली की जिंदगी सरकार ने लौटाई है और वे बेहद खुश हैं, क्योंकि उनकी बेटी उनके लिए घर की देवी स्वरूपा है। 

वर्जन - 
‘हृद्य रोग से पीडि़त ऐसे 85 बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया जा चुका है, जो अब पूर्णत: स्वस्थ हैं। जिले के आठ ब्लॉकों में 16 टीमें लगातार कार्य कर रही हैं, जो सरकारी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर बच्चों की जांच करती हैं एवं बीमारी होने पर उन्हें चिन्हित कर उच्च संस्थान पर रैफर करती हैं, जहां उनका नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है।’
डॉ. वीपी असीजा, 
आरबीएसके प्रभारी

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