शुक्रवार, 3 अगस्त 2018

नाम से ही नहीं, सेवाओं से भी ‘आदर्श’ है हिंदुमलकोट पीएचसी
-भारत-पाक बॉर्डर पर बसी एकमात्र आदर्श पीएचसी पर पंजाब से भी आते हैं मरीज
श्रीगंगानगर। अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हिंदुमलकोट नाम से ही आदर्श नहीं है बल्कि यहां आमजन को भी आदर्श स्वास्थ्य सेवाएं भी मुहैया करवाई जा रही है। यहां स्टाफ की कर्तव्यनिष्ठता के साथ ही संसाधनों का भी पूर्णत: सदुपयोग किया जा रहा है। यही वजह है कि यहां राज्य के बाहर से, यानि पंजाब से भी मरीज आते हैं। खासकर, यहां का वातानुकूलित प्रसव केंद्र न केवल सुविधाओं के लिहाज से बल्कि यहां स्टाफ की 24 घण्टे उपलब्धता व कुशलता के चलते आस-पास में विख्यात है। हिंदुमलकोट आदर्श पीएचसी बनने के बाद कई अवार्ड लेकर स्वास्थ्य महकमे में दूसरे केंद्रों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं। 
केंद्र प्रभारी डॉ. अतिशा लीला बताती हैं कि हिंदुमलकोट पीएचसी वर्ष 2007 में बनी और इसके बाद 15 अगस्त 2016 को आदर्श पीएचसी बनी। वर्तमान में एपीएचसी पर प्रतिदिन करीब 70 से 80 मरीज आते हैं, जिनमें बॉर्डर पर तैनात जवान भी शामिल होते हैं। वहीं करीब 30-40 प्रसव हर माह होते हैं। यहां पंजाब से भी मरीज व गर्भवती महिलाएंबड़ी संख्या में आते हैं। केंद्र पर हर माह की आठ तारीख को परिवार कल्याण शिविर निर्धारित हैं और हर माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाता है। जिसमें गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही प्रसव काल के लिए जागरूक किया जाता है। चिन्हित गर्भवती महिलाओं को हर सोमवार व शुक्रवार विशेष सुविधा देते हुए आयरन सुक्रोज इंजेक्शन भी लगाया जाता है। केंद्र पर एम्बुलेंस 104 की सेवाएं भी उपलब्ध है और यहां मोर्चरी रूम भी बना हुआ है। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि यहां डॉक्टर अतिशा लीला टीम में अकाउटेंट सुभाष राव, नर्सिंग स्टाफ राकेश कुमार, द्वितीय सन्नी चराया, अंजू बाला व शिला, एएनएम सोनू शर्मा, एलटी श्रवण कुमार, फार्मासिस्ट सरोज बिश्रोई, ऑपरेटर रविंद्र कुमार व अनिल नेहरा, आशा सुपरवाइजर राज कौर और बंशीलाल व श्यामलाल शामिल हैं। केंद्र की पहचान यहां की एलएचवी मेरी कुटी हैं, जिनसे प्रसव करवाने के लिए दूर-दराज से गर्भवती महिलाएं आती हैं।  
मिल चुके हैं अवार्ड
हिंदुमलकोट एपीएचसी बेहतरीन कार्य की बदौलत कायाकल्प अवार्ड हासिल कर चुकी है। वर्ष 2017-18 में यह केंद्र प्रथम स्थान पर रहा। इस वर्ष परिवार कल्याण में अव्वल रहते हुए 50 हजार रुपए व प्रशस्ति चिन्ह हासिल किया। इसी तरह टीम को जिलास्तरीय समारोह स्वतंत्रा दिवस व विभागीय कार्यक्रम में भी सम्मानित किया जा चुका है। वहीं सेंटर के अधीन आने वाले चार उप स्वास्थ्य केंद्रोंं मसलन सुजावलपुर, खखां, पक्की व कोठां में से सुजावलपुर को केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत चयनित किया गया है। 

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