शनिवार, 4 अगस्त 2018

भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर हुआ व्यापक सुधार
-सम्बद्ध अस्पतालों की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान, योजना को लेकर गंभीर राज्य सरकार
श्रीगंगानगर। राज्य की अतिमहत्वाकांक्षी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़े हॉस्पीटलों के क्लेम निरस्तीकरण, कारण बताओं नोटिस एवं भुगतान में देरी आदि समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए इनके समाधान के लिए सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में एसीएस वीनू गुप्ता और न्यू इंडिया एश्योरेंस कम्पनी के उच्च अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कई मुद्दों पर सहमति के बाद इन समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेन्सी के सीईओ नवीन जैन ने बताया की सम्बद्ध अस्पतालों की समस्याओं का बारीकी से परीक्षण करवाया गया एवं समस्याओं के निस्तारण की कार्ययोजना बनाकर आवश्यक कार्यवाही की गई।
उन्होंने बताया कि बीमा कम्पनी द्वारा क्लेम निरस्त किए जाने पर अस्पताल द्वारा सीधे संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेन्सी के स्तर पर अपील दायर की जा सकती है। योजना के प्रथम चरण में अस्पताल जिला स्तरीय समिति में अपील करने का प्रावधान था। द्वितीय चरण में सीधे ही संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के स्तर पर अपील करने का प्रावधान किया गया है। उन्होने बताया है कि संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा अब तक लगभग 15 हजार क्लेम्स की सुनवाई कर निर्णय दिया जा चुका है। श्री जैन ने बताया कि निर्धारित प्रावधानों के अनुसार बीमा कम्पनी एवं अस्पतालों के मध्य विवाद उत्पन्न होने या बीमा कम्पनी द्वारा अस्पतालों को कारण बताओं नोटिस जारी करने अथवा योजना से असम्बद्ध करने के नोटिस की स्थिति में अस्पताल मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजस्थान हैल्थ एश्योरेंस एजेन्सी की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय परिवेदना निस्तारण कमेटी में अपील दायर कर सकते है। उन्होने बताया कि अस्पतालों को बीमा कम्पनी द्वारा अकारण बिना किसी साक्ष्य के नोटिस दिये जाने की स्थिति में कमेटी में सम्बद्ध अस्पतालों के हितों का पूर्ण ध्यान रखा जाता है। एसजीआरसी द्वारा अब तक 48 परिवेदनाओं का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि योजना से सम्बद्ध सभी अस्पतालों से इस महत्वाकांक्षी योजना का ईमानदारी से संचालन करने तथा पात्र मरीजों का नि:शुल्क इलाज करने की अपेक्षा की जाती है। अस्पतालों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे मरीजों का कैशलेस उपचार करें एवं इलाज की आवश्यकता के अनुसार ही पैकेज बुक करें। अस्पतालों को मरीज के भर्ती एवं डिस्चार्ज के समय की फोटो भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के सॉफ्टवेयर में ही कैप्चर्ड करने के निर्देश है। उन्हे यह स्पष्ट कर दिया गया है कि मोबाईल अथवा कैमरे से ली हुई फोटो मान्य नहीं है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के सॉफ्टवेयर में आधार कार्ड लिंक होने पर मरीजों का भौतिक सत्यापन बायोमेट्रिक्स मशीन द्वारा ही किया जाना आवश्यक है। आधार कार्ड नहीं बने होने अथवा तीन बार प्रयास किए जाने के बावजूद उंगलियों के निशान प्रमाणित नहीं होने पर ही मरीज की पहचान वैकल्पिक विधि से की जा सकती है। इस विधि में मरीज का एक फोटो पहचान पत्र तथा कारण लिखते हुए क्लेम प्रेषित करना है। 

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