पंचायत शिविरों में मिलेगी स्वास्थ्य सुविधाएं
-स्वास्थ्य विभाग करेगा आमजन को जागरूक, 14 अक्टूबर से शुरू होंगे शिविर
श्रीगंगानगर। जिले की पंचायतों में आगामी 14 अक्टूबर से जन कल्याण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में अन्य विभागों के साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अहम भूमिका रहेगी। विभाग की आरे से न केवल चिकित्सा जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी बल्कि आमजन को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार सामग्री भी दी जाएगी। इसके लिए बकायदा हर शिविर में प्रशिक्षित कार्मिकों को नियुक्त किया जाएगा जो आमजन को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं व योजनाओं की जानकारी देंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि 14 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहे शिविरों में मरीजों की जांच व उपचार की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। यदि जरूरत हुई तो मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रैफर भी किया जाएगा। चूंकि इन दिनों मौसमी बीमारियां चल रही हैं, इस लिहाज से ये शिविर आमजन के लिए खासे मुफीद साबित होंगे। शिविर जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रमानुसार पंचायत मुख्यालयों पर हर शुक्रवार को आयोजित होंगे। हर खण्ड में हर बार दो पंचायतों पर शिविर लगाए जाएंगे। शिविर में आने वाले लोगों से पंजीयन के समय बीएसबीवाई, आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि की संख्या भी इन्द्राज की जाएगी। वहीं रैफर किए जाने वाले मरीजों का फॉलोअप भी किया जाएगा। यही नहीं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ के निर्देशानुसार इन शिविरों में आने वाले मरीजों को आवश्यकतानुसार नि:शुल्क दवा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। वहीं शिविरों के जरिए आमजन में स्वास्थ्य जन चेतना जागृत करने के लिहाज से उन्हें प्रचार-प्रसार सामग्री मुहैया करवाई जाएगी। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि शिविरों में सहज विकलांगता वाले दिव्यजनों को प्रमाण पत्र भी जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं एवं 30 वर्ष से अधिक आयु के पुरूषों की नि:शुल्क हिमोग्लोबिन, ब्लड शुगर व ब्लड प्रेशर आदि की जांच की जाएगी। शिविरों में टीवी रोगियोंं को जांच के लिए नजदीकी टीवी जांच केंद्र पर रैफर किया जाएगा। शिविरों में लगाई जाने वाली मेडिकल टीम में एक चिकित्सा अधिकारी, दो नर्स ग्रेड द्वितीय, एलएचवी/पीएचएस, दो एएनएम एवं लैब टेक्रीशिन तथा एक बीपीएम/बीएचएस सहित सहायक कार्मिक को नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही आरबीएसके का चिकित्सा दल भी शिविरों में मौजूद रहकर बाल स्वास्थ्य जांचेगा।
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