गुरुवार, 6 अक्टूबर 2016

टीबी मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही सीबीनाट मशीन
-जिला क्षय रोग निवारण केंद्र में स्थापित है सीबीनाट मशीन, दो घण्टे में मिल रही है रिपोर्ट
श्रीगंगानगर। भारत सरकार की ओर से जिला मुख्यालय पर स्थापित सीबीनाट मशीन टीबी मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। मरीजों को अब रिपोर्ट के लिए लंबे अर्से तक इंतजार नहीं करना पड़ता, उन्हें महज दो घण्टे में रिपोर्ट दी जा रही है। यह मशीन जिला क्षय निवारण केंद्र में स्थापित की गई है, जहां नियमित जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के सभी बीसीएमओ को पाबंद किया गया है कि वे जब भी टीबी संभावित मरीज आए, उसे जांच के लिए आवश्यक रूप से जिला क्षय निवारण केंद्र में भेजें ताकि मरीज की सही व समय पर जांच की जा सके। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिला क्षय निवारण केंद्र में भारत सरकार की ओर से सीबीनाट मशीन स्थापित की गई है, जहां एमडीआर संभावित क्षय रोगियों की जांच की जा रही है। स्पुटम नेगेटिव, एचआईवी केस, एक्सट्रा पुलमोनरी केस एवं चाइल्ड केस के सभी तरह के संभावित टीबी मरीजों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह जांच सरकार की ओर से पूर्णत: नि:शुल्क की जा रही है। अभी तक राजकीय संस्थानों को टीबी संभावित मरीजों की जांच सीबीनाट से करवाने के लिए पाबंद किया गया था, लेकिन अब सभी निजी चिकित्सालयों को भी इस जांच के लिए निर्देशित किया गया है। सभी निजी चिकित्सालय इसके लिए पाबंद रहेंगे कि वे टीबी संभावित एवं टीबी के मरीजों की जांच आवश्यक रूप से सीबीनाट से करवाएं और मरीज को जिला क्षय निवारण केंद्र में भेजें। यदि इस मामले में लापरवाही बरती जाती है तो संबंधित को नोटिस दिया जाएगा।
क्या है सीबीनाट मशीन
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. साक्षी महता नेे बताया कि जिले में टीबी रोगियों के प्रभावी इलाज व उपयुक्त दवा की जांच के लिए अब रोगियों के बलगम की जांच सीबीनॉट मशीन से होगी। इस लाखों रुपए की लागत की मशीन को भारत सरकार ने श्रीगंगानगर में स्थापित किया है, जो निरंतर चलाई जा रही है। गंभीर रूप से पीडि़त टीबी रोगियों में संबंधित दवा के असर की जांच शीघ्रता से होना संभव हुआ है। इससे पहले इस जांच के लिए रोगियों के बलगम के सैंपल को जांच के लिए जोधपुर भेजा जाता था, जिसकी रिपोर्ट करीब एक माह के बाद आती थी। अब जिला केंद्र पर स्थापित हुई मशीन के बाद रोगियों की जांच केवल दो घंटे में होना संभव हुआ है। #IEC SGNR/VINOD BISHNOI

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें