गुरुवार, 6 अक्टूबर 2016

गर्भवती महिलाओं की जांच में न हो लापरवाही - डॉ. चौहान
-एचआईवी-एड्स की समीक्षा बैठक में निदेशक ने दिए दिशा-निर्देश

श्रीगंगानगर।  स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाली हर गर्भवती महिला की एचआईवी जांच करना अब लाजिमी होगा। इस मामले में किसी तरह की लापरवाही पर संबंधित कार्मिक व अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में गुरूवार को जयपुर से आए निदेशक एडï्स डॉ. एसएस चौहान ने विस्तृत दिशा-निर्देश संबंधित कार्मिकों व अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि एचआईवी-एड्स को लेकर हर स्तर पर गंभीरता बरती जाए और ऐसे मरीजों के साथ किसी तरह का भेदभाव न किया जाए। यदि ऐसी शिकायत कहीं से प्राप्त होती है या इलाज में कोताही बरती जाती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
डॉ. चौहान गुरूवार को जिला स्वास्थ्य भवन में आयोजित जिला एडï्स नियंत्रण एवं निवारण इकाई की बैठक में जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों के एचआईवी का कार्य देख रहे कार्मिकों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, नवल किशोर, मनोज कुमार, आशा समन्वयक रायसिंह सहारण एवं सीओआईईसी विनोद बिश्रोई मौजूद रहे। बैठक के दौरान कार्मिकों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें बेहतर कार्य करने वालों की सराहना की गई जबकि कार्य में कोताही बरतने वालों को फटकार लगाई गई। बैठक में निर्देशित करते हुए डॉ. चौहान ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की हर हाल में एचआईवी की जांच की जाए। इसी तरह समस्त टीबी मरीजों एवं यौन संक्रमित पीडि़तों की एचआईवी जांच की जाए। सभी एचआईवी संक्रमित लोगों को जिला अस्पताल स्थित एआरटी केंद्र पर पंजीकृत करवा उपचार करवाने के निर्देश डॉ. चौहान ने दिए। उन्होंने कहा कि एचआईवी पीडि़त लोगों को राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए ताकि उनका जीवन यापन सुचारू हो सके। बैठक में रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पीसीटीएस एवं आईसीटीसी व एफआईसीटीसी सेंटर की मासिक रिपोर्ट में इंद्राज एचआईवी जांच व पॉजीटिव में विरोधाभास न हो। यदि ऐसा होता है और किसी भी तरह की लापरवाही बरती जाती है तो संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में ली जाएगी। 

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