सोमवार, 21 नवंबर 2016

तम्बाकू उत्पाद के मामले में अब होगी सख्त कार्रवाई
-सार्वजनिक स्थलों व कार्यालयों का होगा आकस्मिक निरीक्षण, विभागाध्यक्ष पर कार्रवाई संभव

श्रींगगानगर। तम्बाकू उत्पाद के मामले में अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग धूम्रपान करने वालों और तम्बाकू उत्पाद बेचने वालों पर शिकंजा कसेगा। विभाग ने अब तक व्यापारियों व आमजन से समझाइश के प्रयास किए, लेकिन अब कार्रवाई की जाएगी। विभाग केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए सिगरेट एवं अन्य उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य उत्पादन, आपूर्ति व वितरण का विनियमन) अधिनियम 2003 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करेगा। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि इससे पूर्व भी लगातार कार्रवाई की जा रही थी, लेकिन विगत तीमाही में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों व बैठकों के माध्यम से व्यापारियों, प्रशासनिक अधिकारियों व शैक्षणिक संस्थाओं के प्रबंधकों को अधिनियम के बारे में अवगत करवाया गया। 

सामाजिक कार्यकर्ता नीपेन शर्मा ने बताया कि विगत तीमाही में जिले के सभी व्यापारिक संगठनों, शैक्षणिक व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर उनसे धूम्रपान उत्पाद बेचान न करने, नियमों की पालना करने तथा करवाने की गुजारिश की गई। व्यापारियों आदि को एक माह का समय दिया गया था ताकि वे निर्धारित बोर्ड आदि लगा सके। अब एक माह गुजरने के बाद विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं खण्ड स्तर पर भी टीमों का गठन का मासिक लक्ष्य दिए गए हैं ताकि जिले के हर कोने में कार्रवाई हो सके। सिगरेट एवं अन्य उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य उत्पादन, आपूर्ति व वितरण का विनियमन) अधिनियम 2003 की धारा चार, पांच, छह व सात के तहत विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। अधिनियम की धारा चार के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना वर्जित है। धारा की अवहेलना पर जुर्माना लगाया जाता है। इसके अलावा पान विक्रेता, किरयाना स्टोर, रेहड़ी संचालक व अन्य जो भी तंबाकू उत्पाद बेचते हैं उन्हें अधिनियम के तहत निर्धारित बोर्ड लगाना होगा। इसी तरह प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध रहेगा। नियमों के उल्लंघन पर धारा पांच के तहत एक से पांच साल की कैद और एक से पांच हजार रूपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। धारा छह ए के तहत यदि कोई नाबालिग तंबाकू उत्पाद बेचता है या उससे बिकवाया जाता है तो उसके खिलाफ जुर्माने का प्रावधान है। वहीं बाल अपराध की विभिन्न धाराओं के तहत भी सजा का प्रावधान है। वहीं धारा छह बी के तहत सभी शिक्षण संस्थान मसलन राजकीय व निजी स्कूल, कॉलेज, कॉचिंग सेंटर, आंगनबाड़ी केंद्र आदि के सौ गज के दायरे में तंबाकू बेचान करना गैर कानूनी है। 

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