बालकों के स्वास्थ्य सुधार रहा बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
-आरबीएसके के तहत दूर-दराज के बच्चे भी हो रहे हैं लाभान्वित

श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जिले के मासूम बच्चों के मुफीद साबित हो रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर लगने वाले शिविरों में न केवल बच्चों का स्थानीय स्तर पर इलाज हो रहा है बल्कि आवश्यकता होने पर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में भी रैफर किया जा रहा है। गुरूवार को श्रीविजयनगर व अनूपगढ़ में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अनूपगढ़ में 285 और श्रीविजयनगर में 155 बच्चों की जांच की गई।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए इस शिविर में सुरेंद्र डेंटल कॉलेज की टीम ने सहयोग किया। अनूपगढ़ में लगे शिविर में 285 बच्चे पहुंचे। वहीं श्रीविजयनगर में 155 बच्चे पहुंचे, जिनमें से 93 बच्चों का नि:शुल्क उपचार किया गया, जबकि 61 बच्चों को जिला अस्पताल और एक बच्चे को मेडिकल कॉलेज के लिए रैफर किया गया। आरबीएसके प्रभारी डॉ. भारत भूषण ने बताया कि शिविर में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शिव बिश्रोई, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश भारद्वाज, नाक-कान-गला के डॉ. ओपी गोयल, एवं डॉ. नेहा छाबड़ा, डॉ. निशा चावला, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. सोहनलाल आदि ने सेवाएं दी। वहीं सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज के चिकित्सकों ने भी अपनी सेवाएं दी और बच्चों के दांतों की नि:शुल्क जांच की। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे आरबीएसके के तहत विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन विभाग के साथ किया जा रहा है। आगामी दिनों में भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर इस तरह के शिविर लगाए जाएंगे।
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