एएनसी में सुधार लाएं, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें
-बैंक खाते की वजह से न अटके किसी का भुगतान, पहली जांच पर ही करें खाता खुलवाने के लिए प्रेरित
श्रीगंगानगर। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में गुरूवार को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने सभी बीसीएमओ एवं सीएचसी प्रभारियों को सख्त लहजे में कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं व व्यवस्थाओं में सुधार लाएं अन्यथा संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। खासकर, प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की समीक्षा करते हुए सीएमएचओ डॉ. बंसल ने कहा कि बीसीएमओ स्वयं मोनिटरिंग करें और जहां भी लापरवाही मिले वहां स्वास्थ्य कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई करें अन्यथा खुद कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इस दौरान एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, डीएनओ कमल गुप्ता, डीएसी रायसिंह सहारण, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई एवं डीएएम सतीश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित करते हुए सीएमएचओ डॉ. बंसल ने कहा कि राजश्री योजना का लाभ सभी बालिकाओं को हर हाल में मिले। राजश्री योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि कुछेक संस्थानों पर बैंक खाते की वजह से बालिका के जन्म पर भुगतान नहीं हुआ, जबकि रा’य सरकार बालिका जन्म को प्रोत्साहन देनेे के लिए 50 हजार रूपए तक की राशि दे रही है। इसलिए हर गर्भवती महिला की पहली जांच के दौरान ही उसे बैंक में खाता खुलवाने के लिए प्रेरित करें और उसे बताएं कि बालिका के जन्म पर रा’य सरकार 50 हजार रूपए तक की राशि दे रही है। वहीं अन्य योजनाओं व राशियों का लाभ भी बैंक खाते के जरिए दिए जा रहे हैं। उन्होंने पूर्ण टीकाकरण को लेकर सभी को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि कोई भी ब"ाा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। बैठक मेें जिला अस्पताल में सीसीयू का संचालन नहीं होने की जानकारी को गंभीरता से लिया गया और सीएमएचओ डॉ. बंसल ने पीएमओ प्रतिनिधि को निर्देशित किया कि जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई कर सीसीयू शुरू किया जाए ताकि लाखों के संसाधन आमजन को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाए जाने में उपयोगी साबित हों।
निजी चिकित्सालय भी देंगे रिपोर्ट
टीबी कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान टीबी अधिकारी डॉ. साक्षी मेहत्ता ने बताया कि सीबी-डॉट मशीन के जरिए टीबी मरीजों की जांच आसानी से की जा रही है लेकिन खण्ड स्तर से टीबी मरीज जांच के लिए कम रैफर किए जा रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि टीबी की संभावना होने पर हर हाल में मरीज को जिला मुख्यालय पर भेजें ताकि उसकी सही रिपोर्ट की जा सके। उन्होंने सभी बीसीएमओ को निर्देशित किया कि वे निजी चिकित्सालयों के साथ बैठक कर उन्हें रिपोर्टिंग के लिए पाबंद करें ताकि टीबी मरीजों को सही उपचार मिल सके।
-बैंक खाते की वजह से न अटके किसी का भुगतान, पहली जांच पर ही करें खाता खुलवाने के लिए प्रेरित
श्रीगंगानगर। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में गुरूवार को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने सभी बीसीएमओ एवं सीएचसी प्रभारियों को सख्त लहजे में कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं व व्यवस्थाओं में सुधार लाएं अन्यथा संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। खासकर, प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की समीक्षा करते हुए सीएमएचओ डॉ. बंसल ने कहा कि बीसीएमओ स्वयं मोनिटरिंग करें और जहां भी लापरवाही मिले वहां स्वास्थ्य कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई करें अन्यथा खुद कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इस दौरान एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, डीएनओ कमल गुप्ता, डीएसी रायसिंह सहारण, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई एवं डीएएम सतीश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित करते हुए सीएमएचओ डॉ. बंसल ने कहा कि राजश्री योजना का लाभ सभी बालिकाओं को हर हाल में मिले। राजश्री योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि कुछेक संस्थानों पर बैंक खाते की वजह से बालिका के जन्म पर भुगतान नहीं हुआ, जबकि रा’य सरकार बालिका जन्म को प्रोत्साहन देनेे के लिए 50 हजार रूपए तक की राशि दे रही है। इसलिए हर गर्भवती महिला की पहली जांच के दौरान ही उसे बैंक में खाता खुलवाने के लिए प्रेरित करें और उसे बताएं कि बालिका के जन्म पर रा’य सरकार 50 हजार रूपए तक की राशि दे रही है। वहीं अन्य योजनाओं व राशियों का लाभ भी बैंक खाते के जरिए दिए जा रहे हैं। उन्होंने पूर्ण टीकाकरण को लेकर सभी को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि कोई भी ब"ाा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। बैठक मेें जिला अस्पताल में सीसीयू का संचालन नहीं होने की जानकारी को गंभीरता से लिया गया और सीएमएचओ डॉ. बंसल ने पीएमओ प्रतिनिधि को निर्देशित किया कि जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई कर सीसीयू शुरू किया जाए ताकि लाखों के संसाधन आमजन को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाए जाने में उपयोगी साबित हों।निजी चिकित्सालय भी देंगे रिपोर्ट
टीबी कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान टीबी अधिकारी डॉ. साक्षी मेहत्ता ने बताया कि सीबी-डॉट मशीन के जरिए टीबी मरीजों की जांच आसानी से की जा रही है लेकिन खण्ड स्तर से टीबी मरीज जांच के लिए कम रैफर किए जा रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि टीबी की संभावना होने पर हर हाल में मरीज को जिला मुख्यालय पर भेजें ताकि उसकी सही रिपोर्ट की जा सके। उन्होंने सभी बीसीएमओ को निर्देशित किया कि वे निजी चिकित्सालयों के साथ बैठक कर उन्हें रिपोर्टिंग के लिए पाबंद करें ताकि टीबी मरीजों को सही उपचार मिल सके।
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