अल्ट्रासाउंड के लिए नहीं करना पड़ेगा गर्भवती महिलाओं को इंतजार
-पीएमएसएमए का भारत सरकार के अधिकारी विशाल कटारिया ने किया निरीक्षण, दिए दिशा-निर्देश
श्रीगंगानगर। केेंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत नौ दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम का भारत सरकार के तकनीकी अधिकारी विशाल कटारिया ने आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने पीएचसी, सीएचसी व जिला अस्पताल में हर माह की नौ तारीख को मनाए जाने वाले अभियान की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं उन्होंने महिलाओं को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं को भौतिक रूप से सत्यापन किया। स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर गर्भवती महिलाओं के दूर-दराज क्षेत्र से पैदल आने-जाने और जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को लेकर अल्ट्रासाउंड में हो रही देरी पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तुरंत इन व्यवस्थाओं में सुधार लाएं। पहले निरीक्षण को स्पोटिंग सुपरविजन बताते हुए उन्होंने कहा कि आगामी निरीक्षण के दौरान यदि खामियां मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। निरीक्षण के दौरान उनके साथ डीपीएम विपुल गोयल सहित एनएचएम की टीम शामिल रही। उल्लेखनीय है कि अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जांच, नि:शुल्क दवाएं सहित अन्य सुविधाएं पूर्णत: नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय, नई दिल्ली से आए विशाल कटारिया ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का श्रीकरणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते हुए चिकित्सकों, स्टाफ, आशा सहयोगिनियों व गर्भवती महिलाओं से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने स्टोर व लैब की जांच कर व्यवस्थाएं देखी। यहां चिकित्सा प्रभारी को निर्देशित किया कि वे पीएमएसएमए के दिन जिन गर्भवती महिलाओं की जांच करते हैं उनमें हाईरिस्क प्रेग्रेंसी मिलने पर उसका अलग रजिस्टर में इंद्राज करें। इसी तरह उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरलां का निरीक्षण करते हुए अलग रजिस्टर लगाने के लिए निर्देशित किया। वहीं खरलां में हाईरिस्क प्रेग्रेंसी पैदल चलकर आने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इन महिलाओं को जेएसएसके के तहत आने-जाने की सुविधा दी जाए। यदि आने-जाने के दौरान किसी गर्भवती महिला के साथ कोई अनहोनी होती है तो वो संबंधित चिकित्सा प्रभारी की होगी। वहीं इस दिवस के दिन होने वाली आठों जांचों के बारे में लैब कार्मिकों, आशाओं व गर्भवती महिलाओं से जानकारी ली। उन्होंने आशाओं को निर्देश दिए कि वे हाईरिस्क प्रेग्रेंसी महिलाओं का फॉलोअप करें और देखें कि क्या वे अगली जांच में आ रही है या नहीं। आशाओं को हर माह सात तारीख से पहले गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर उन्हें नौ तारीख को नजदीकी पीएचसी व सीएचसी पर आने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी नजदीकी गांव के धार्मिक स्थलों के जरिए नौ तारीख के संबंध में मुनादी करवाएं ताकि महिलाओं व उनके परिजनों को अभियान की जानकारी मिल सके। निरीक्षण के बाद जिलाधिकारियों से वार्ता करते हुए तकनीकी अधिकारी विशाल कटारिया ने कहा कि गर्भवती महिला की जांच के दौरान यदि हाईरिस्ट प्रेग्रेंसी चिन्हित होती हैं तो उन्हें तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच करवाने के लिए रैफर करें। इसके अलावा उन्होने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अभियान के दौरान की रिपोर्टिंग नियमित रूप से करवाएं। अभियान का हर डाटा संधारण किया जाए ताकि आगामी दिनों में अभियान की समीक्षा की जा सके।
जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीएमओ व डिप्टी कंट्रोलर को निर्देश दिए कि जिस गर्भवती महिला को हाईरिस्क प्रेग्रेंसी के तौर पर चिन्हित किया जाता है उसका प्राथमिकता से यह सुनिश्चित करते हुए अल्ट्रासाउंड किया जाए कि उसे इंतजार न करना पड़े। जिला अस्पताल में उन्होंने एसएनसीयू की व्यवस्था देखीं, जहां 12 में से छह बैड में संपूर्ण व्यवस्था नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और पीएमओ को निर्देशित किया कि तुरंत प्रभाव से इन्हें दुरुस्त करवाएं। डीपीएम विपुल गोयल ने अधिकारियों को जानकारी दी कि राज्य सरकार के ई-उपकरण सिस्टम के तहत टोल फ्री नंबर शिकायत दर्ज करवाने पर चार दिन में उपकरण ठीक हो रहे हैं इस कारण इसकी सूचना भी सॉफ्टवेयर में इंद्राज की जाए।
भारत सरकार के अधिकारी विशाल कटारिया ने निजी चिकित्सालयों से आह्वान करते हुए कहा कि वे भी इस पावन कार्य और भारत सरकार के अभियान से जुडें। चिकित्सकों को चाहिए कि वे माह में केवल एक दिन जनहित में, खासकर महिलाओं व गर्भस्थ शिशु के लिए अपना योगदान दें। यदि कोई चिकित्सक इस अभियान से जुड़ता है तो उसकी जानकारी भारत सरकार को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्रस्तर पर आईएमए इस अभियान से जुडक़र कई राज्यों में यह पहल कर चुका है और अब श्रीगंगानगर जिले के चिकित्सकों को भी इसमें अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने एनएचएम अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जल्द ही निजी चिकित्सकों की जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक करवा उन्हें प्रशिक्षित करें। निजी चिकित्सक विभाग के डीपीएम से मोबाइल नंबर 9414501746 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 18001801104 पर भी अपना नाम इंद्राज करवा सकते हैं।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें