सोमवार, 5 दिसंबर 2016

स्वास्थ्य सुविधाओं में जल्द होगी बढ़ोतरी
-सीएमएचओ ने नवनिर्मित बिल्डिंगों की देखी व्यवस्थाएं, जल्द करवाई जाएंगी शुरू
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य सेवाओं व सुविधाओं में बढ़ोतरी के साथ ही श्रीगंगानगर जिले को जल्द ही कुछ और सौगात मिलने जा रही हैं। विभाग की ओर से करवाए गए निर्माण कार्य के बाद अब कई बिल्डिंग हैं जो बनकर तैयार हैं, जिनका जल्द ही उदï्घाटन करवा विधिवत शुरू कर दी जाएंगी। इनमें मुख्यत: एएनएम हॉस्टल, जीएनएम हॉस्टल और धर्मशाला शामिल हैं। वहीं जिला स्वास्थ्य भवन की बिल्डिंग भी निर्माणाधीन हैं जिसका निर्माण कार्य भी जल्द पूरा होगा। इन भवनों का सोमवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने डीपीएम विपुल गोयल व सीओआईईसी विनोद बिश्रोई सहित निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं और जल्द ही उदï्घाटन करवाने की रूपरेखा तैयार की।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने कोतवाली थाना के पीछे नवनिर्मित एएनएम हॉस्टल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित कार्मिकों को जल्द से जल्द साफ-सफाई करने एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। चूंकि बिल्डिंग बनकर तैयार हैं, इसलिए इसका उदï्घाटन करवा जल्द शुरू करने का निर्णय लिया। इससे स्टूडेंटï्स को नए भवन में रहने की बेहतर सुविधा मिलेगी। इसके बाद वे जिला अस्पताल परिसर में बने जीएनएम हॉस्टल का निरीक्षण किया। इस दौरान पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, डिप्टी कंट्रेालर डॉ. प्रेम बजाज, डीपीएम विपुल गोयल, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, नर्सिंग यूनियन के अध्यक्ष रविंद्र शर्मा एवं अन्य अधिकारी शामिल रहे। टीम ने जिला अस्पताल परिसर में बन रही धर्मशाला के आस-पास के क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं ठेकेदार को पाबंद किया कि वह जल्द से जल्द आस-पास साफ-सफाई करवाए।
टीबी हॉस्पीटल का आकस्मिक निरीक्षण
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने सोमवार को टीबी हॉस्पीटल का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने टीबी अधिकारी को हॉस्पीटल में साफ-सफाई रखने के लिए पाबंद किया। वहीं उन्होंने स्टोर, दवा केंद्र, लैब व अन्य कमरों की व्यवस्थाएं देखीं। साथ ही उन्होंने टीबी अधिकारी को निर्देशित किया कि वे मरीजों को सीबीनॉट मशीन के जरिए जल्द से जल्द जांच करवा बेहतर सुविधा प्रदान करें। क्योंकि इस मशीन से केवल तीन घण्टे में ही रिपोर्ट प्राप्त हो जाती है जिस कारण मरीज का अनावश्यक समय नहीं लगता और उसका जल्द इलाज संभव हो जाता है।

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