बुधवार, 28 दिसंबर 2016

‘‘राजकीय चिकित्सालयों की वैल्यू बढ़ाएं, मरीज संतुष्ट होकर जाएं’’
-जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिला कलेक्टर ने दिए दिशा-निर्देश, आगामी बैठक तक हों आवश्यक सुधार
श्रीगंगानगर। ‘‘किसी भी संस्थान के प्रति आमजन का विश्वास तभी कायम होता है जब संस्थान के अधिकारी व स्टाफ पूरी कर्तव्य निष्ठता के साथ अपने कार्य को अंजाम देते हैं। राजकीय चिकित्सालयों की वैल्यू भी इस तरह बढ़ाएं कि आमजन का विश्वास आपके प्रति कायम हों और मरीज निजी की बजाए राजकीय संस्थाओं में ही इलाज लेना चाहे। यही नहीं मरीज जब हॉस्पीटल से जाए तो पूरी तरह संतुष्ट भी होकर जाए’’ ये विचार बुधवार को जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की जिलास्तरीय जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में रखे। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे न केवल खुद जागरूक हों, बल्कि अपने स्टाफ को भी हर योजना के बारे में इतना जागरूक करें कि वे आमजन को उनके हर सवाल का जवाब आसानी से दे सकें। बैठक में एनएचएम के चहते संचालित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं व योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और जिला कलेक्टर ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कहा जिला कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में नियुक्त हर स्टाफ को जानकारी होनी चाहिए कि जिले में कौन-कौन सा अस्पताल योजना के तहत अधिकृत हैं और वहां कौनसी बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। आदर्श पीएचसी को लेकर उन्होंने कहा कि नरेगा के साथ समन्वय कर साफ-सफाई करवाएं और पौधारोपण कर संस्थान का सुंदर बनाएं। सभी बीसीएमओ को निर्देशित किया गया कि वे चिकित्सा संस्थानों में स्टाफ का ठहराव सुनिश्चित करें और वे खुद भी हैड क्वार्टर पर रूकें। संस्थागत प्रसव और प्रसव पूर्व जांच को लेकर उन्होंने कहा कि अधिकारी लक्ष्य तक सीमित न रहें बल्कि शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें कि संस्थागत प्रसव व एएनसी हों। वहीं एएनसी व प्रसव के बीच आ रहे गेप का गहनता से परीक्षण कर पता लगाएं कि कहां गड़बड़ी है। एमटीसी में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को भर्ती करवाने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सभी अपने-अपने क्षेत्र में कुपोषित बच्चों का चिन्हिकरण कर उन्हें भर्ती करवाएं। ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति को लेकर उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि हर माह बैठक होनी चाहिए और भविष्य में इसकी रिपोर्ट भी जिलास्तरीय बैठक में रखी जाए ताकि कार्यक्रम की समीक्षा की जा सके। जीवन वाहिनी एम्बुलेंस के संचालन में आ रही शिकायतों के संबंध में उन्होंने कंपनी कार्मिक को फटकार लगाते हुए कहा कि इनका समाधान तुरंत करवाएं और सीएमएचओ को निर्देशित किया कि वे इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य विभाग के पीएचएस को लिखित जानकारी भिजवाएं। बैठक में पुरूष नसबंदी केस पर मार्च माह तक एक हजार रुपए अतिरिक्त देेने का प्रस्ताव भी पास किया गया। वहीं सिलिकोसिस संबंधी सूरतगढ़ में शिविर लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। तंबाकू को लेकर आयोजित बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा जिस विभाग से सहयोग नहीं मिल रहा उन्हें पाबंद करने के निर्देश भी जिला कलेक्टर ने दिए। सीसीयू वार्ड को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए पीएमओ को पाबंद किया गया। वहीं पीसीपीएनडीटी अधिनियम पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मुखबिर योजना के बारे में आमजन को ज्यादा से ज्यादा जानकारी हो इसके लिए आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग दोनों प्रयास करें। इसके अलावा बेटी बचाओ अभियान को लेकर नियमित बैठक व सोनोग्राफी सेंटरों के निरीक्षण करने के निर्देश जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने दिए।

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