सोमवार, 30 जनवरी 2017

शुरू हुआ स्पर्श कुष्ठ जागरुकता पखवाड़ा
-13 फरवरी तक चलेगा पखवाड़ा, पंचायत स्तर तक होंगे जागरुकता कार्यक्रम
श्रीगंगानगर। कुष्ठ रोग के प्रति आमजन को जागरुक करने एवं कुष्ठ रोगियों को पूरी तरह से संबल व उपचार देने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरुकता पखवाड़ा शुरू किया गया है। सोमवार से शुरु हुआ यह पखवाड़ा आगामी 13 फरवरी को संपन्न होगा, इस दौरान पंचायत समिति स्तर से लेकर गांवों व ढाणियों में कुष्ठ रोग संबंधी संदेश पहुंचाया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि पहले दिन विभिन्न पंचायत समितियों में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला मुख्यालय पर पखवाड़े के दौरान रैली निकाली जाएगी एवं प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए जिलास्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है, जबकि ब्लॉकस्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। अभियान के दौरान सोमवार को ग्राम सभाओं में कुष्ठ रोग संबंधी जागरुकता पैदा की गई। सभी ग्राम सभाओं में जिला कलेक्टर की ओर से कुष्ठ रोग संबंधी संदेश पहुंचाया गया। वहीं ग्रामीणों को कुष्ठ रोग के कारण, पहचान एवं निवारण के बारे में बताया गया। इसी के साथ ही पखवाड़े के दौरान स्कूलों में कुष्ठ रोग संबंधी संदेश प्रार्थना सभा में दिया जाएगा। दो से 13 फरवरी के बीच एएनएम व आशाएं घर-घर जाकर कुष्ठ रोग से संबंधित सर्वे करेंगी। 
डरें नहीं कुष्ठ रोग से 
कुष्ठ रोग से नहीं डरें, बल्कि रोगी के साथ सहज व सामान्य व्यवहार करें। कुष्ठ रोगी के साथ उठना, बैठना, खाना-पीना, रोटी-बेटी व्यवहार सब सहज व सामान्य रुप से करें। कुष्ठ रोग का पूरी तरह से इलाज संभव है। इलाज में देरी से अपंगता हो सकती है। कुष्ठ रोग की दवा स्वास्थ्य केंद्र पर नि:शुल्क उपलब्ध है। अगर कुष्ठ का भय मिट जाएगा तो यह भी सामान्य रोग की तरह हो जाएगा। इसलिए जरुरी है कि हम सभी सामाजिक दायित्व का निर्वाह करते हुए आमजन को कुष्ठ रोग के प्रति न केवल जागरुक करें, बल्कि कुष्ठ रोगियों का सम्मान भी करें ताकि वे भी सामान्य जीवन जी सकें। 

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