शनिवार, 4 फ़रवरी 2017

‘‘खराब दिनचर्या व खानपान हो रहे हैं घातक साबित’’
 कैंसर दिवस पर हुए विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम, एक पखवाड़ा तक चलेंगे
श्रीगंगानगर। भागदौड़ भरी व्यस्त जिंदगी और उसमें भी बेहतर खानपान नहीं होना सेहत के लिए काफी घातक साबित हो रहा है। यही नहीं खराब दिनचर्या में नियमित व्यायाम भी नहीं हो रहा, जिस कारण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता अक्षुण होती जा रही है। ऐसे ही कई कारण हैं, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पैदा कर रहे हैं। इसलिए जागरुकता और एर्ली डिटेक्शन बेहद जरुरी है। ये विचार विश्व कैंसर दिवस पर शनिवार को कैंसर विशेषज्ञ डॉ. वेद प्रकाश ने व्यक्त किए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से टांटिया यूनिवर्सिटी में आयोजित जागरुकता कार्यक्रम में वे बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, डॉ. प्रवीण भाटिया, डॉ. सोनिया, सुखदेवसिंह, अर्श बराड़, नवल योगी व सिकंदर आदि मौजूद रहे। 
डॉ. वेदप्रकाश ने कैंसर के लक्षण, उपचार व उपाय पर जानकारी देते हुए कहा कि सबसे पहले हमें दिनचर्या को व्यवस्थित करना होगा और इसके साथ ही खानपान भी। वर्तमान में फास्ट फूड, एल्कोहल व तंबाकू आम चलन में आ गया है जो हर आयु के लोगों को प्रभावित करता है। खासकर, बच्चों को फास्ट फूड से और युवाओं को एल्कोहल व तंबाकू से बचना चाहिए। वहीं हर आयु वर्ग के लोगों को नियमित व्यायाम करना चाहिए, क्योंकि व्यायाम के अभाव में हर तरह की बीमारियां शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है। उन्होंने कहा कि कैंसर के मामले में एर्ली डिटेक्शन बहुत जरुरी है और यह हम बायोस्पी के जरिए करते हैं लेकिन आमजन में यह गलत धारणा भी है कि बायोस्पी के कारण कैंसर फैलता है जबकि ऐसा नहीं है। सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि जिले के लोग नियमित रुप से जिला अस्पताल में संचालित एनसीडी क्लीनिक में जांच करवा सकते हैं। इसके अलावा प्रत्येक बुधवार को भी कैंसर जांच शिविर लगाया जाता है जहां मुख्यत: महिलाएं जांच करवा सकती हैं जिनकी विभाग की ओर से नि:शुल्क मेमोग्राफी करवाई जाती है। वहीं जिले के दस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एनसीडी क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। जहां जागरुकता कार्यक्रमों के साथ ही जांच शिविर भी लगाए जा रहे हैं। 
एएनएम व आशाएं होंगी प्रशिक्षित
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि विभाग की ओर से विश्व कैंसर दिवस पर सभी दस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अब विभाग जिले की एएनएम व आशा सहयोगिनियों को भी कैंसर के बारे में जागरुक कर उन्हें संभावित मरीजों को चिन्हित करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को केसरीसिंहपुर, मंगलवार को श्रीकरणपुर और बुधवार को पदमपुर में प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से संबंधित सबसेंटर की एएनएम एवं आशाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। 

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