मंगलवार, 7 फ़रवरी 2017

प्राथमिक जांच ही बेहतर उपचार
-कैंसर जागरुकता पखवाड़ा के तहत स्वास्थ्य कार्मिकों को दिया प्रशिक्षण
श्रीगंगानगर। कैंसर जागरुकता पखवाड़ा के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे अपने आस-पास के संभावित मरीजों को चिन्हित कर जिला अस्पताल में भेज सकें। मंगलवार को विभाग के एनसीडी अनुभाग की टीम ने श्रीकरणपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशाओं व एएनएम सहित अन्य कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान डॉ. सोनिया, अर्श बराड़ व नवल योगी ने श्रीकरणपुर सीएचसी के अधीन आने वाली सभी आशा सहयोगिनी व महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कैंसर के लक्षण व जांच के बारे में जानकारी दी। 
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि विभाग की ओर से जिले के सभी स्वास्थ्य कार्मिकों को कैंसर के बारे में प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है और अब जिलास्तरीय टीम ब्लॉकस्तर पर जाकर कार्मिकों को प्रशिक्षित कर रही है। इसके बाद यही कार्मिक गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक आमजन के संपर्क में रहकर न केवल कैंसर के प्रति जागरुक करेंगे बल्कि उन्हें कैंसर के प्रारंभिक स्टेज के बारे में भी जानकारी देंगे। क्योंकि कैंसर के रोग में मुख्यत: प्रारंभिक स्टेज ही बहुत महत्वपूर्ण होती है। यदि समय रहते कैंसर के बारे में पता लग जाए तो उसकी तुरंत जांच करवाई जानी चाहिए। जांच में यदि पुष्टि होती है तो इसका इलाज भी संभव है। उन्होंने बताया कि जिलास्तर पर प्रत्येक बुधवार को कैंसर जांच शिविर लगाया जा रहा है, जिसमें कोई भी जांच करवा सकता है। इसी तरह जिला अस्तपाल में प्रत्येक दिन एनसीडी क्लीनिक में मेमोग्राफी जांच के लिए संपर्क किया जा सकता है, जहां नि:शुल्क जांच की सुविधा है। बुधवार को पदमपुर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें