मंगलवार, 7 फ़रवरी 2017

सुनी ‘मन की बात’, नि:शुल्क सेवाएं दे रहे निजी चिकित्सक
-प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान से दस डॉक्टर जुड़े, हर माह की नौ तारीख को दे रहे हैं सेवाएं
श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ का असर कहें या स्वयं के दिल की आवाज का, कि श्रीगंगानगर जिले के दस निजी चिकित्सक प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत पूर्णतया नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर माह की नौ तारीख को मनाए जाने वाले सुरक्षित मातृत्व दिवस में ये चिकित्सक गर्भवती महिलाओं को जांच कर न केवल उनका उपचार कर रहे हैं, बल्कि उन्हें गर्भावस्था के दौरान रखे जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरुक भी कर रहे हैं। खास बात ये है कि सभी चिकित्सक दूर-दराज के गांव-कस्बों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर सेवाएं दे रहे हैं।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि देश में नौ जून 2016 को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शुरु किया गया। जिसके तहत हर माह की नौ तारीख सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाकर गर्भवती महिलाओं नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं उपचार दिया जा रहा है। अभियान का मुख्य उदï्देश्य गर्भवती महिलाओं के लिए एक स्वस्थ जीवन प्रदान करना, मातृत्व मृत्यु दर को कम करना, गर्भवती महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के मुद्दों व रोगों के बारे में जागरूक करना, बच्चे के स्वस्थ जीवन और सुरक्षित प्रसव को सुनिश्चित करना आदि है। गर्भावस्था के तीन से छह महीने के अंतराल में महिलाएं अभियान का लाभ ले सकती हैं। इस दौरान मुख्यत: रक्तचाप, शर्करा के स्तर, वजन, हीमोग्लोबिन परीक्षण, रक्त परीक्षण और स्क्रीनिंग सहित कई परीक्षणों को राजकीय चिकित्सा केन्द्रों पर किया जा रहा है। डॉ. बंसल ने कहा कि निश्चित ही चिकित्सकों की यह पहल काबिलेतारीफ है और संभवत: इन चिकित्सकों से अन्य चिकित्सक भी प्रेरित होंगे और अपनी सेवाएं देकर न केवल गर्भवती महिलाओं को बल्कि सामान्य मरीजों को लाभान्वित करेंगे। 
जिले में जुड़े ये चिकित्सक
जिला आईईसी समन्वयक विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिले में राजकीय संस्थानों में नि:शुल्क सेवाएं देने के लिए चिकित्सक डॉ. शंभूदयाल गुप्ता, डॉ. मदन गोपाल शर्मा, डॉ. पीसी गेदर, डॉ. तारु मित्तल, डॉ. आईपीएस पूनिया, डॉ. पूनम मित्तल, डॉ. विजय मक्कड़, डॉ. सत्यप्रकाश शर्मा, डॉ. विदुषी बेनीवाल एवं डॉ. मंजू मक्कड़ आगे आए हैं। ये चिकित्सक लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं विभाग के चिकित्सक भी हर पीएचसी व सीएचसी पर अपनी सेवाएं मुस्तैदी से दे रहे हैं। अभियान के तहत जिले में अब तक 11 हजार 519 गर्भवती महिलाओं की जांच की जा चुकी है। वहीं 386 की एएनसी जांच हुई। जबकि नौ हजार 857 का हिमोग्लोबिन जांच, 29 का अल्ट्रासाउंड, सात हजार चार 93 की एचआईवी जांच एवं सभी की शुगर जांच की गई। इस दौरान 477 गर्भवती महिलाओं को हाईरिस्क प्रेगेंसी होने के चलते उच्च चिकित्सा संस्थानों में रैफर किया गया। 

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