बुधवार, 8 फ़रवरी 2017

आपातकालीन सेवाएं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी - कलेक्टर
-स्वास्थ्य विभाग की बैठक में सख्त दिशा-निर्देश, स्वास्थ्य कार्मिक हों अपडेट 
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने कहा कि किसी भी आपातकालीन सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर, एंबुलेंस सेवाओ में एक फोन पर संबंधित मरीज या दुर्घटना में शिकार घायल को तुरंत सहायता मिलनी चाहिए। यदि कंपनी की लापरवाही या खामियों की वजह से कोई अनहोनी होती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वे बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी बीसीएमओ भौतिक रुप से एम्बुलेंसों का निरीक्षण कर एप के जरिए रिपोर्टिंग करें। बैठक में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा व एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता सहित अन्य अधिकारीगण शामिल थे।
बीएसबीवाई की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में सम्मिलित किसी भी मरीज से निजी या सरकारी किसी भी अस्पताल में कोई पैसा नहीं लिया जाए। यदि ऐसी शिकायतें आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए, क्योंकि इससे सरकार की छवि धूमिल होती है और आमजन को व्यवस्था से विश्वास उठता है। उन्होंने कहा कि मेडिकल मोबाइल यूनिट व वैन का भी नियमित रूप से निरीक्षण हो और दूर-दराज के क्षेत्रों में व्यापक सुविधा मिले। श्री ज्ञानाराम ने सख्त निर्देशित हुए कहा कि सभी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता व चिकित्सक समस्त योजनाओं के बारे में अपडेट हों। किसी भी स्तर पर किसी भी अधिकारी के द्वारा पूछे जाने पर उन्हें न केवल योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए बल्कि योजना से कितने लोग उस क्षेत्र में लाभान्वित हुए उसकी जानकारी भी होनी चाहिए। पौधारोपण के संबंध में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही स्कूलों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी बेटी के नाम पौधारोपण किया जाए। जिला अस्पताल में आवश्यक सुधार को लेकर उन्होंने पीएमओ को निर्देशित किया। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने सभी बीसीएमओ को पाबंद किया कि प्रतिनियुक्ति पर लगे समस्त कार्मिकों को तुरंत रिलीव करें अन्यथा उनका वेतन बंद करें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। समेजा, शिवपुर व रावला में मुख्यमंत्री जांच योजना के तहत जांच नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जांच सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करें और आवश्यक व्यवस्थाओं को सुधारें। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने कहा कि कुछेक संस्थानों पर दवा उपलब्ध होने के बावजूद मरीज को ‘दवा उपलब्ध नहीं है’ लिख दिया जाता है, जो बेहद गंभीर है। क्योंकि विभाग हर संभव प्रयास कर सभी तरह की दवाएं उपलब्ध करवा रहा है लेकिन ऐसी लापरवाही से विभाग की छवि धूमिल होती है और मरीज को भी अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

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